बजट 2026: फर्रुखाबाद के व्यापारियों को वित्त मंत्री से बड़ी उम्मीदें, सीधी ट्रेन सेवा और औद्योगिक विकास की मांग

Feb 2, 2026 - 21:12
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बजट 2026: फर्रुखाबाद के व्यापारियों को वित्त मंत्री से बड़ी उम्मीदें, सीधी ट्रेन सेवा और औद्योगिक विकास की मांग

बजट 2026: फर्रुखाबाद के व्यापारियों को वित्त मंत्री से बड़ी उम्मीदें, सीधी ट्रेन सेवा और औद्योगिक विकास की मांग

फर्रुखाबाद । केंद्रीय बजट पेश होने से ठीक पहले फर्रुखाबाद के आम जनमानस और व्यापारी वर्ग में भारी उत्साह और अपेक्षाएं देखी जा रही हैं। जिले के आर्थिक विकास को गति देने के लिए स्थानीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गई हैं, जिनमें परिवहन और बुनियादी ढांचे में सुधार प्रमुख है। रेलवे कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर जिले के निवासियों की सबसे पुरानी और प्रमुख मांग फर्रुखाबाद से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की है। इसके साथ ही, व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए कानपुर-फर्रुखाबाद रेल मार्ग के दोहरीकरण (Double Line) की मांग भी जोर-शोर से की जा रही है। औद्योगिक पिछड़ेपन को दूर करने की चुनौती अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संजय गर्ग ने शहर की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा: "विकास दर के मामले में फर्रुखाबाद अन्य पड़ोसी शहरों की तुलना में काफी पीछे छूट गया है।

व्यापारियों को उम्मीद है कि इस बजट में जिले में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे, जिससे स्थानीय व्यापार को नई संजीवनी मिल सके।" गर्ग ने आगे विस्तार से बताया कि दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन सेवा न केवल आम यात्रियों के लिए, बल्कि व्यापारियों के लिए भी जीवनरेखा साबित होगी, जिससे माल लाने-ले जाने और व्यावसायिक मीटिंग्स के लिए दिल्ली आना-जाना आसान हो जाएगा। महंगाई और जीएसटी स्लैब पर चिंता विकास कार्यों के अलावा, व्यापारी वर्ग ने मौजूदा आर्थिक हालातों पर भी अपनी राय रखी। व्यापारियों के अनुसार: रुपये की गिरावट: डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसके कारण सर्राफा बाजार में सुस्ती का माहौल है। जीएसटी विसंगतियां: व्यापारियों ने जीएसटी (GST) के विभिन्न स्लैब पर सवाल उठाए हैं।

विशेष रूप से खुले कपड़ों पर लगने वाले 5 प्रतिशत टैक्स को लेकर व्यापारियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। फर्रुखाबाद के व्यापारिक संगठनों को उम्मीद है कि पेश होने वाला बजट उनकी इन मांगों पर ध्यान देगा और जिले के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने में सहायक होगा।