Etah Loksabha: जानें क्या है राजनैतिक इतिहास और किसका है कब्जा

Etah Loksabha: जानें क्या है राजनैतिक इतिहास और किसका है कब्जा, दिग्गज बीजेपी नेता कल्याण सिंह के पुत्र राजवीर सिंह (Rajveer singh Raju Bhaiya) एटा संसदीय क्षेत्र का लोकसभा में भाजपा का प्रतिनिधित्व करते हैं

Apr 22, 2024 - 09:39
Jun 4, 2024 - 17:52
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Etah Loksabha: जानें क्या है राजनैतिक इतिहास और किसका है कब्जा
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Etah Loksabha Result: उत्तर प्रदेश के 80 संसदीय क्षेत्रों में से एटा संसदीय क्षेत्र पर इस समय भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है। दिग्गज बीजेपी नेता कल्याण सिंह के पुत्र राजवीर सिंह, एटा संसदीय क्षेत्र का लोकसभा में भाजपा का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्हें भी सियासी परिवारों के सफल वारिश जनप्रतिनिधियों में शुमार किया जाता है। चुनाव आयोग के 2014 के आंकड़ों पर गौर करें तो इस सीट पर कुल 16 लाख से अधिक मतदाता हैं ।

2024 Update: इस बार 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजे उनके पक्ष में नहीं दिख रहे हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी रुझानों के अनुसार, राजवीर सिंह काफी पीछे चल रहे हैं। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार देवेश शाक्य 25 हजार से अधिक वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं।

Latest Update 2024: एटा में लोकसभा चुनाव के नतीजे: एटा सीट पर राजवीर सिंह पीछे, सपा के देवेश शाक्य आगे

राजवीर सिंह (राजू भैया) जीवन (Rajveer Singh- Raju Bhaiya Wiki)

पूरा नाम राजवीर सिंह
जन्म तिथि 15 मार्च 1959
राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
संसदीय क्षेत्र  एटा
चुनाव वर्ष 2014
शुरुआती जीवन कल्याण सिंह और रामवती देवी के बेटे के रूप में मधौली, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में जन्मा
शिक्षा आगरा विश्वविद्यालय से बी.ए. और एल.एल.बी. डिग्री
पति/पत्नी प्रेमलता वर्मा
विवाह तिथि 20 फरवरी 1988

राजवीर सिंह का जन्म 15 मार्च 1959 को कल्याण सिंह और रामवती देवी के घर हुआ था। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के एक गांव मढ़ौली में हुआ था। सिंह की शैक्षणिक योग्यता में बी.ए. शामिल है। और एल.एल.बी. आगरा विश्वविद्यालय से डिग्री। उन्होंने 20 फरवरी 1988 को प्रेमलता वर्मा से शादी की.

राजवीर सिंह के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है 383629735 (अड़तीस करोड़ छत्तीस लाख उनतीस हजार सात सौ पैंतीस) और वित्तीय देनदारी रु. 100700000 (दस करोड़ सात लाख) .

Rajveer Singh- Raju Bhaiya Political Career

राजवीर सिंह संसद सदस्य हैं और भारतीय जनता पार्टी से हैं। वर्ष 2019 में, उन्हें 17वीं लोकसभा में एटा, उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए संसद सदस्य के रूप में चुना गया था। इसके अलावा, वह वर्ष 2014 में एटा निर्वाचन क्षेत्र से 16वीं लोकसभा में संसद सदस्य के रूप में चुने गए। इसके अलावा, वह वर्ष 2002 में उपचुनाव के माध्यम से डिबाई निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य के रूप में चुने गए। राजवीर सिंह को इस नाम से भी जाना जाता है- राजू भैया.

अवधि पद
2002 – 2007 उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य
2003 – 2007 उत्तर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री
2003 लोक लेखा समिति के सदस्य
मई 2014 16वें लोकसभा में चुने गए
1 सितंबर 2014 उद्योग समिति के सदस्य
12 सितंबर 2014 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के सदस्य; कृषि मंत्रालय का परामर्शी समिति के सदस्य

 एटा लोकसभा का इतिहास(Etah Loksabha History)

देश में हुए पहले लोकसभा चुनाव 1952 से ही यह संसदीय क्षेत्र अस्तित्व में है। यहां जब पहली बार लोकसभा चुनाव हुए तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार रोहनलाल चतुर्वेदी लोकसभा पहुंचे थे। फिर 1957 और 1962 के चुनावों में हिन्दू महासभा के उम्मीदवार विशनचन्द्र सेठ लोकसभा पहुंचे थे। उसके बाद 1967 और 1971 में कांग्रेस प्रत्याशी रोहनलाल चतुर्वेदी जीते और लोकसभा पहुंचे। अब तक सम्पन्न हुए 16 लोकसभा चुनावों में सर्वाधिक 8 बार राष्ट्रवादी मूल की सियासी पार्टियां हिन्दू महासभा और बीजेपी जीती हैं, जबकि और 4 बार कांग्रेस व 4 बार समाजवादी मूल की पार्टियां यहां से चुनाव जीती हैं।

समाजवादी नेता महकदीप सिंह शाक्य 1977 में यहां से लोकसभा पहुंचे। बाद में वो बीजेपी में शामिल होकर 1989, 1991, 1996 और 1998 तक लोकसभा चुनाव जीतते रहे। फिर 1999 और 2004 में सपा नेता डॉ. देवेंद्र सिंह यादव ने लोकसभा में इस प्रतिष्ठित सीट का प्रतिनिधित्व किया।

वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी नेता राजवीर सिंह ने यहां से जीत हासिल की है। यह संसदीय क्षेत्र इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह  वर्ष 2009 में अपनी नवगठित पार्टी के टिकट पर यहां से चुनाव जीते थे।


2008 में परिसीमन के बाद इस संसदीय सीट का स्वरूप बदल गया। अब 5 विधानसभा क्षेत्र इस लोकसभा सीट के अंतर्गत आते हैं। वह हैं- कासगंज, अमांपुर, पटियाली, एटा और मारहरा।


खास बात यह है कि इन सभी 5 विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है। चूंकि केंद्र और यूपी में भारतीय जनता पार्टी का ही शासन है। इसलिए बीजेपी की स्थिति यहां बेहद मजबूत कही जा सकती है।

इस सीट के जातिगत समीकरणों की बात करें तो यह लोध, यादव और शाक्य मतदाता बहुल सीट है। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, जाट, गुजर, सैनी और दलित जाति के वोटरों की भी यहां उल्लेखनीय तादाद है। मुस्लिम वोटर भी यहां निर्णायक है। अगर चुनाव आयोग के 2014 के आंकड़ों पर गौर करें तो इस सीट पर कुल 16 लाख से अधिक मतदाता हैं जिनमें से 8 लाख 50 हजार से अधिक पुरुष और 7 लाख 20 हज़ार से अधिक महिलाएं हैं।

इस सीट पर मुख्यतः मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी गठबंधन के बीच ही होगा।

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर की नाव पर सवार होकर राजवीर सिंह एटा लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरे। राजवीर सिंह भगवा परचम लहराते हुए दोबारा एटा के सांसद बन गए।

Etah Loksabha: कौन कब जीता चुनाव?

वर्ष नेता/पार्टी
1952 रोहनलाल चतुर्वेदी (कांग्रेस)
1957,1962 विशनचंद्र सेठ (हिन्दू महासभा)
1967,1971 रोहनलाल चतुर्वेदी (कांग्रेस)
1977 महादीपक सिंह शाक्य (जनता पार्टी)
1989 महादीपक सिंह शाक्य (BJP)
1991 महादीपक सिंह शाक्य (BJP)
1996 महादीपक सिंह शाक्य (बीजेपी)
1998 महादीपक सिंह शाक्य (बीजेपी)
1999 डॉ. देवेंद्र सिंह यादव (समाजवादी पार्टी)
2004 डॉ. देवेंद्र सिंह यादव (समाजवादी पार्टी)
2009 कल्याण सिंह (जन क्रांति पार्टी)
2014 राजवीर सिंह (बीजेपी)
2019 राजवीर सिंह (बीजेपी)

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