ईरान पर अमेरिका–इजरायल का बड़ा हमला, ट्रंप की बगावत की अपील; अमेरिका में ही तेज हुआ विरोध
न्यूयॉर्क। पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला शुरू कर दिया। हमलों में राजधानी तेहरान समेत कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के सर्वोच्च नेता **अयातुल्ला अली खामेनेई** के कार्यालयों के आसपास के इलाकों पर भी हमले किए गए। हमलों के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति **डोनाल्ड ट्रंप** ने एक वीडियो संदेश जारी कर ईरानी जनता से इस्लामी नेतृत्व के खिलाफ खड़े होने और “अपने भाग्य की बागडोर खुद संभालने” की अपील की।
ट्रंप ने 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सत्ता में रहे शासन पर तीखा हमला बोला। इस सैन्य कार्रवाई का अमेरिका के भीतर ही कड़ा विरोध शुरू हो गया है। देश की पूर्व उपराष्ट्रपति **कमला हैरिस** ने ट्रंप प्रशासन के फैसले को “लापरवाह और खतरनाक” बताया। हैरिस ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका को ऐसी जंग में धकेल रहे हैं जिसे अमेरिकी जनता नहीं चाहती। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ईरान में सत्ता परिवर्तन के लिए छेड़ी गई जंग का विरोध करती हैं और अमेरिकी सैनिकों को अनावश्यक खतरे में डाला जा रहा है। हैरिस ने यह भी कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर खतरा वास्तविक है, लेकिन मौजूदा सैन्य तरीका समाधान नहीं है। उन्होंने ट्रंप पर चुनावी वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने पहले ही संभावित अमेरिकी हताहतों की बात स्वीकार कर ली है। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर **जोहरान ममदानी** ने भी इस हमले की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कार्रवाई एक अवैध आक्रामक युद्ध की ओर तेजी से बढ़ता कदम है।
उनका कहना है कि अमेरिकी जनता शहरों पर बमबारी और नया युद्ध मोर्चा नहीं चाहती, बल्कि शांति और संकट से राहत चाहती है। ममदानी ने न्यूयॉर्क में रह रहे ईरानी मूल के लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला मध्य पूर्व में बड़े संघर्ष का रूप ले सकता है। यदि ईरान पलटवार करता है तो क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है। वैश्विक तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और अमेरिका की वैश्विक साख पर भी इसका व्यापक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। पूरी दुनिया की नजर अब ईरान की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी है।
