प्रो. यशवंत वीरोदय को ‘साहित्य श्री सम्मान

Feb 20, 2026 - 21:42
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प्रो. यशवंत वीरोदय को ‘साहित्य श्री सम्मान

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*प्रो. यशवंत वीरोदय को ‘साहित्य श्री सम्मान’*

*उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान में 22 फ़रवरी को सम्मानित होंगे साहित्यकार*

लखनऊ। 20फरवरी/बी.एम.एन सेवा संस्थान, लखनऊ द्वारा वर्ष 2025 के सापेक्ष चयन समिति ने हिंदी साहित्य के युवा समालोचक एवं कवि प्रो. डॉ. यशवंत वीरोदय को ‘पार्वती मल्ल साहित्य श्री सम्मान’ के लिए चयनित किया है। संस्थान की ओर से जारी सूचना के अनुसार सम्मान समारोह 22 फरवरी 2026 को अपराह्न 3:30 बजे निराला सभागार, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, हजरतगंज, लखनऊ में आयोजित होगा। प्रो. यशवंत वीरोदय हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित युवा आलोचक के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘हिंदी साहित्य की मुख्य धारा’ (2010), ‘दलित शिखरों का साक्षात्कार’ (2013), ‘दलित साहित्य का सामाजिक सांस्कृतिक आधार(2018)’ ‘सत्ता विमर्श एवं अस्मिता विमर्श’ (2019), ‘साहित्य का समाजशास्त्र’ (2019) शामिल हैं।

उनकी कृति ‘दलित शिखरों का साक्षात्कार’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। बीबीसी लंदन की हिंदी समाचार सेवा ने 2013 की बेहतरीन और महत्वपूर्ण पुस्तकों की सूची में शुमार किया। उन्होंने हिंदी साहित्य को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पहचान दिलाई है। फ्रांस, स्विट्जरलैंड, हॉलैंड और बेल्जियम जैसे यूरोपीय देशों की यात्राओं के दौरान उन्होंने हिंदी साहित्य की वैश्विक उपस्थिति को सशक्त किया। वर्तमान में वह डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग में प्रोफेसर एवं अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। इस सम्मान की घोषणा से साहित्यिक जगत में हर्ष की लहर है। उनके सहकर्मियों और विद्यार्थियों ने इसे विश्वविद्यालय एवं हिंदी साहित्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।

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SuragBureau

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