संभावित चक्रवात व भारी वर्षा को लेकर कृषि विभाग अलर्ट, किसानों को सावधानी बरतने की सलाह
संभावित चक्रवात व भारी वर्षा को लेकर कृषि विभाग अलर्ट, किसानों को सावधानी बरतने की सलाह
एटा। जनपद में मौसम विभाग द्वारा संभावित चक्रवात एवं भारी वर्षा की चेतावनी जारी किए जाने के बाद कृषि विभाग सतर्क हो गया है। उप कृषि निदेशक सुमित कुमार ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करें, ताकि फसलों को होने वाली क्षति को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने बताया कि जिन फसलों की लगभग 80 प्रतिशत पकने की अवस्था पूर्ण हो चुकी है, उनकी शीघ्र कटाई कर ली जाए। साथ ही खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे जलभराव की स्थिति से बचा जा सके। फलदार पौधों को सहारा देकर तेज हवाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
उप कृषि निदेशक ने कहा कि कटी हुई फसलों को सुरक्षित एवं ऊँचे स्थान या गोदामों में रखा जाए, ताकि वर्षा से होने वाली क्षति को रोका जा सके। विशेष रूप से केले, गन्ने एवं अन्य फलदार पौधों को लकड़ी के सहारे मजबूती से बाँधने की सलाह दी गई है, जिससे वे तेज झोंकों में गिरने से बच सकें। उन्होंने यह भी बताया कि चक्रवात एवं भारी बारिश के बाद खड़ी फसलों में नाइट्रोजन की कमी की संभावना रहती है। ऐसे में किसानों को जीवामृत का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। किसान जीवामृत पहले से तैयार कर लें अथवा बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर से इसे क्रय कर सकते हैं।
इसके अलावा जिन किसानों ने प्याज एवं कद्दू वर्गीय फसलों की रोपाई या बुवाई कर ली है, वे समय से मल्चिंग कराएं, जिससे मिट्टी के कटाव को रोका जा सके। अधिक वर्षा की स्थिति में सिंचाई कार्य एवं अन्य कृषि निवेशों के प्रयोग से बचने की भी सलाह दी गई है, क्योंकि तेज बारिश में ये बह सकते हैं। उप कृषि निदेशक ने सभी किसानों से मौसम की चेतावनियों पर सतत नजर रखने और कृषि विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है, ताकि संभावित आपदा की स्थिति में फसलों को सुरक्षित रखा जा सके।
