सावधान! मिठास में घुला है ज़हर: मैनपुरी में कीड़े पड़े रसगुल्ले बेचने का भंडाफोड़

Feb 28, 2026 - 22:20
 0  7
सावधान! मिठास में घुला है ज़हर: मैनपुरी में कीड़े पड़े रसगुल्ले बेचने का भंडाफोड़

सावधान! मिठास में घुला है ज़हर: मैनपुरी में कीड़े पड़े रसगुल्ले बेचने का भंडाफोड़

मैनपुरी (अजय किशोर)। खुशियों के त्योहार होली की आड़ में लोगों की सेहत का सौदा करने वाले मिलावटखोरों पर जब प्रशासन का डंडा चला, तो रोंगटे खड़े कर देने वाली हकीकत सामने आई। मैनपुरी के स्टेशन रोड स्थित एक मिठाई की दुकान पर तब हड़कंप मच गया, जब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने वहां बिक्री के लिए रखे रसगुल्लों में मरे हुए कीड़े तैरते हुए पाए। दुकानदार की संवेदनहीनता की हद तो तब देखने को मिली जब वह इन्हीं दूषित और कीड़े पड़े रसगुल्लों को बेखौफ होकर ग्राहकों को परोस रहा था।

खाद्य सुरक्षा प्रशासन के आयुक्त के निर्देश पर चली इस विशेष मुहिम के दौरान करहल चौराहे से लेकर स्टेशन रोड तक सघन चेकिंग की गई। जांच टीम ने जब स्टेशन के सामने स्थित एक मिष्ठान भंडार का निरीक्षण किया, तो वहां करीब 20 किलो दूषित छैना बरामद हुआ, जिसकी कीमत 4000 रुपये आंकी गई है। डिब्बे को खोलते ही उसमें मरे हुए कीड़े देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। टीम ने तत्काल प्रभाव से इस दूषित सामग्री को नष्ट करवाया और खोये के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। कार्रवाई का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। एक अन्य दुकान पर 10 किलो सड़ी हुई चटनी मिली, जबकि रथेरा स्थित शैलेंद्र किराना स्टोर से भारी मात्रा में एक्सपायरी डेट की नमकीन जब्त की गई। वहीं, रजत राज कोल्ड ड्रिंक्स पर एक्सपायर्ड सॉफ्ट ड्रिंक्स की बोतलें बेची जा रही थीं, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। सचल खाद्य प्रयोगशाला द्वारा मौके पर ही नमूनों की प्राथमिक जांच की गई और व्यापारियों को स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करने की सख्त चेतावनी दी गई। यह पूरी कार्रवाई सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय डॉ. श्वेता सैनी के निर्देशन और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी इंद्रजीत सिंह के नेतृत्व में अन्य अधिकारियों के साथ अंजाम दी गई।

हालांकि, प्रशासन की इस सक्रियता ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है। अक्सर देखा जाता है कि विभाग केवल त्योहारों के समय टारगेट पूरा करने के लिए ऐसे अभियान चलाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या साल के बाकी दिनों में आम जनता को ऐसा ही घटिया और दूषित माल खिलाया जा रहा है? सरकारी तंत्र की इस मौसमी मुस्तैदी के बीच अब समय आ गया है कि हम खुद जागरूक बनें। अपनी और अपने परिवार की सेहत के प्रति सतर्कता ही इन मिलावटखोरों के मंसूबों को नाकाम कर सकती है।