न्यायालय के आदेश के बावजूद कब्जे की कोशिश, पत्रकार की पैतृक भूमि पर दबंगों का धावा

Apr 30, 2026 - 06:21
0 20
न्यायालय के आदेश के बावजूद कब्जे की कोशिश,  पत्रकार की पैतृक भूमि पर दबंगों का धावा

block-350 block-350

न्यायालय के आदेश के बावजूद कब्जे की कोशिश, पत्रकार की पैतृक भूमि पर दबंगों का धावा

शमशाबाद/फर्रुखाबाद। जनपद फर्रुखाबाद के शमशाबाद क्षेत्र से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। न्यायालय में मामला विचाराधीन होने और स्पष्ट स्थगन आदेश जारी होने के बावजूद दबंगों द्वारा एक वरिष्ठ पत्रकार की पैतृक भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया गया। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत कर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। मोहल्ला दलमीर खां निवासी वरिष्ठ पत्रकार महेश सिंह वर्मा ने थाना प्रभारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी पैतृक भूमि से जुड़ा वाद संख्या 59/16 (महेश बनाम सियाराम आदि) सिविल जज न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में 29 फरवरी 2016 को न्यायालय द्वारा अस्थाई स्थगन आदेश जारी करते हुए विपक्षी पक्ष को जमीन में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से सख्ती से रोका गया था।

इसके बावजूद आरोप है कि विपक्षियों—सियाराम, महेश (पुत्र जयराम), महेश (पुत्र वसंत लाल) एवं कप्तान—ने सुनियोजित तरीके से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर विवादित संपत्ति (गाटा संख्या 1278/0.03 डिसमिल) का फर्जी विक्रय पत्र मुन्ना खान के नाम कर दिया। जबकि सभी पक्षों को न्यायालय के आदेश की पूरी जानकारी थी। पीड़ित के अनुसार, 5 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 12 बजे विपक्षी पक्ष असामाजिक तत्वों के साथ मौके पर पहुंचा और दबंगई दिखाते हुए जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने जमीन पर पोल भी गाड़ दिए। सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। इतना ही नहीं, आरोप है कि दबंगों ने पत्रकार को जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित का कहना है कि 8 अप्रैल 2026 को विपक्षियों ने न्यायालय को गुमराह कर फर्जी तरीके से दस्तावेजों की नकल भी प्राप्त कर ली और अब निर्माण की नीयत से विवादित भूमि पर बालू और ईंटें डलवाई जा रही हैं।

पत्रकार महेश सिंह वर्मा ने प्रशासन से अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई है कि विपक्षी पक्ष कभी भी बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है। जब न्यायालय का स्पष्ट आदेश मौजूद है, तो आखिर दबंगों का हौसला इतना बुलंद कैसे? क्या प्रशासन समय रहते सख्त कदम उठाएगा या फिर कानून की धज्जियां उड़ती रहेंगी? ? फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

Comments (0)

User