फ़िल्म ‘धुरंधर 2’ में दिखा माफिया किरदार, अतीक अहमद की यादें फिर ताजा
फ़िल्म ‘धुरंधर 2’ में दिखा माफिया किरदार, अतीक अहमद की यादें फिर ताजा
प्रयागराज। कभी सड़कों पर खुलेआम अपराध की दुनिया पर राज करने वाला माफिया अतीक अहमद भले ही अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसके आपराधिक इतिहास की गूंज आज भी सुनाई देती है। हाल ही में फिल्म *‘धुरंधर 2’* में दिखाए गए एक माफिया किरदार ने एक बार फिर अतीक अहमद की यादों को ताजा कर दिया है। दर्शकों का कहना है कि फिल्म का यह किरदार काफी हद तक अतीक के जीवन से प्रेरित नजर आता है। फिल्म में माफिया के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, खासकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और अंडरवर्ल्ड से जुड़े संबंधों को दर्शाया गया है। इसी संदर्भ में अतीक अहमद से जुड़े पुराने मामलों की चर्चा फिर शुरू हो गई है।
राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में दाखिल चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया था कि अतीक अहमद ने पूछताछ के दौरान अपने आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा से संबंध होने की बात स्वीकार की थी। आरोप था कि उसके गिरोह को पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई होती थी, जिनमें ड्रोन के जरिए पंजाब सीमा पर गिराए गए हथियार भी शामिल थे। इन हथियारों को स्थानीय नेटवर्क के जरिए इकट्ठा किया जाता था। इसके अलावा जांच एजेंसियों के अनुसार, अतीक का नेटवर्क नकली नोट, हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी से भी जुड़ा हुआ था, जिसे आतंक वित्तपोषण से जोड़कर देखा गया। 15 अप्रैल 2023 की रात एक सनसनीखेज घटना में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में हत्या कर दी गई थी। दोनों को मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रहा था, तभी पत्रकारों के वेश में आए हमलावरों ने कैमरों के सामने ही गोली मार दी।
इस घटना ने पूरे देश में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। 1962 में प्रयागराज में जन्मे अतीक अहमद ने कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। 1980 और 90 के दशक में वह इलाके का बड़ा माफिया बनकर उभरा। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, रंगदारी और जमीन कब्जाने जैसे 150 से अधिक मामले दर्ज थे। अपराध की दुनिया से निकलकर उसने राजनीति में भी कदम रखा और 2004 में फूलपुर से लोकसभा सांसद बना। इसके अलावा वह पांच बार विधायक भी रह चुका था। फिल्म *‘धुरंधर 2’* के जरिए एक बार फिर यह साफ होता है कि वास्तविक जीवन के अपराधी किरदार अक्सर फिल्मों के लिए प्रेरणा बनते हैं। अतीक अहमद का जीवन भी ऐसा ही एक उदाहरण है, जिसकी कहानी आज भी समाज और सिनेमा दोनों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
