झांसी में दरोगा भर्ती परीक्षा देने गए 23 सिपाही सस्पेंड

Mar 24, 2026 - 18:54
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झांसी में दरोगा भर्ती परीक्षा देने गए 23 सिपाही सस्पेंड
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झांसी में दरोगा भर्ती परीक्षा देने गए 23 सिपाही सस्पेंड

झांसी में दरोगा भर्ती परीक्षा देने गए 23 सिपाहियों को विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। इन सभी सिपाहियों ने कथित तौर पर बीमारी का बहाना बनाकर छुट्टी ली और उसी दौरान परीक्षा देने पहुंच गए। परीक्षा के बाद वे वापस आकर ड्यूटी भी जॉइन कर चुके थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब विभाग ने आंतरिक जांच कराई। जांच में पाया गया कि सिपाहियों ने बिना अनुमति झूठे आधार पर छुट्टी ली थी। इस पर बीबी जीटीएस मूर्ति (SSP) ने 19 मार्च को कार्रवाई करते हुए सभी को निलंबित कर दिया। हालांकि, यह मामला सोमवार को सार्वजनिक हुआ। SSP ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए हैं।

गौरतलब है कि 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा के 4,543 पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इस पूरे मामले पर पूर्व DGP सुलखान सिंह ने बताया कि परीक्षा का फॉर्म भरने के लिए अनुमति जरूरी नहीं होती, लेकिन परीक्षा देने के लिए विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके लिए ली गई छुट्टी कर्मचारियों के वार्षिक अवकाश में से ही काटी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई कर्मचारी झूठ बोलकर छुट्टी लेता है तो यह स्पष्ट रूप से अनुशासनहीनता है। ऐसे मामलों में विभागीय जांच की जाती है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होती है। सजा के तौर पर संबंधित कर्मी के कैरेक्टर रोल में बैड एंट्री दर्ज की जाती है, जिससे उसके प्रमोशन पर असर पड़ता है। आमतौर पर ऐसे पुलिसकर्मियों को तीन साल तक पदोन्नति नहीं मिलती और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी नहीं सौंपी जातीं।