Farrukhabad News : बहन से छेड़छाड़ का खौफनाक बदला: दोस्त की हत्या कर खेत में गाड़ा शव, 9 महीने बाद नर कंकाल बरामद

Apr 1, 2026 - 20:48
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Farrukhabad News :  बहन से छेड़छाड़ का खौफनाक बदला: दोस्त की हत्या कर खेत में गाड़ा शव, 9 महीने बाद नर कंकाल बरामद
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बहन से छेड़छाड़ का खौफनाक बदला: दोस्त की हत्या कर खेत में गाड़ा शव, 9 महीने बाद नर कंकाल बरामद

अमृतपुर/ फर्रुखाबाद /उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक युवक ने अपनी बहन से कथित तौर पर छेड़छाड़ किए जाने का बदला लेने के लिए अपने ही दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को खेत में दफना दिया। घटना के करीब 9 महीने बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर बुधवार को खेत की खुदाई कर मृतक का नर कंकाल बरामद कर लिया गया है। कंकाल मिलने की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

फर्रूखाबाद के अमृतपुर थाना क्षेत्र के गुजरपुर पमारान गांव निवासी ओमवीर एक साइकिल मिस्त्री था। 20 जुलाई 2025 की शाम करीब 7 बजे उसका दोस्त रामू यादव उसे घर से बुलाकर ले गया था। ओमवीर अपनी पत्नी से यह कहकर गया था कि वह दुकान बंद करके आ रहा है, खाना लगा देना। लेकिन उसके बाद वह कभी लौटकर नहीं आया। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी रामू ने बताया कि ओमवीर एक बार उसके साथ उसकी बहन की ससुराल गया था। वहां ओमवीर ने रामू की बहन के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की, जिसे ससुराल वालों ने भी देख लिया। इस घटना से रामू की काफी बदनामी हुई और उनके रिश्ते खराब हो गए। इसी बात का बदला लेने के लिए रामू ने अपने साथी सुरजीत यादव के साथ मिलकर हत्या की खौफनाक साजिश रची। योजना के तहत, दोनों ने ओमवीर को रामू के खेत पर बुलाया। वहां उसे शराब पिलाई और फिर गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए शव को मक्के के खेत में करीब 5 फीट गहरे गड्ढे में गाड़ दिया।

पत्नी का 9 महीने का संघर्ष, तब मिला न्याय ओमवीर के लापता होने के बाद परिजनों ने हर जगह उसकी तलाश की। मां राजेश्वरी देवी ने पूर्व प्रधान सहित छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। करीब डेढ़ महीने बाद 31 अगस्त को पत्नी धर्मशीला ने भी कई लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया। पत्नी धर्मशीला का आरोप है कि उन्हें न्याय पाने के लिए 9 महीने तक दर-दर भटकना पड़ा। स्थानीय पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। पूर्व थाना अध्यक्ष मोनू शाक्य और विवेचक रवि शोलंकी पर भी उन्होंने परेशान करने और आरोपियों से रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगाए हैं। अंततः लखनऊ में मुख्यमंत्री दरबार में गुहार लगाने के बाद मामले में तेजी आई और एसओजी तथा सर्विलांस टीम ने मुख्य आरोपी रामू को 31 मार्च 2026 की रात देहरादून से दबोच लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर रामू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

 1 अप्रैल 2026 की सुबह मजिस्ट्रेट और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में आरोपी की निशानदेही पर खेत में खुदाई कराई गई। 24 घंटे की मशक्कत के बाद करीब पांच फीट गहरे गड्ढे से कंकाल, तौलिया, चप्पल और कपड़े बरामद हुए। यह घटनास्थल मृतक के घर से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर फर्रूखाबाद-बदायूं मार्ग के पास स्थित है। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फॉरेंसिक टीम ने आवश्यक साक्ष्य जुटा लिए हैं और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। मौके पर भारी भीड़ को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए फतेहगढ़ और राजेपुर समेत कई थानों की पुलिस बल को तैनात किया गया है।