Kasganj news नामामि गंगे के अंतर्गत जैविक मेला एवं गोष्ठी का भव्य आयोजन, प्रगतिशील किसान सम्मानित किये गए
नामामि गंगे के अंतर्गत जैविक मेला एवं गोष्ठी का भव्य आयोजन, प्रगतिशील किसान सम्मानित किये गए
ब्यूरो रिपोर्ट/सुनील कुमार
कासगंज आज दिनांक 20.3.2026 क़ो उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनपद कासगंज में “नमामि गंगे जैविक खेती” कार्यक्रम के तहत एक भव्य जैविक मेला एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह आयोजन उ0प्र0 दशमोत्तर कृषि प्रसार विभाग कासगंज द्वारा विकास भवन परिसर में संपन्न हुआ, जिसमें जिले के किसानों, अधिकारियों एवं कृषि विशेषज्ञों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विकास अधिकारी द्वारा की गई तथा विभिन्न जनपद स्तरीय अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर डॉ. आदित्य कुमार (जिला परियोजना समन्वयक), जिला सूचना अधिकारी, राजीव दीक्षित एवं मनोज पालीवाल (डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर) सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। गोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को जैविक खेती के महत्व, इसके वैज्ञानिक तरीकों तथा पर्यावरण संरक्षण में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से जहां भूमि की उर्वरता प्रभावित होती है, वहीं जैविक खेती अपनाने से मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है और उत्पादन अधिक टिकाऊ बनता है। साथ ही, जैविक उत्पादों की बाजार में बढ़ती मांग के कारण किसानों को बेहतर मूल्य भी प्राप्त होता है। अधिकारियों द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को जागरूक किया गया और उन्हें इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में वर्मी कम्पोस्ट, जैविक खाद, प्राकृतिक कीटनाशकों एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर जनपद के प्रगतिशील जैविक किसानों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जैविक खेती अपनाने से उनकी लागत में कमी आई है और आय में वृद्धि हुई है। उन्होंने अन्य किसानों से भी इस पद्धति को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने कहा कि “नमामि गंगे” योजना के तहत जैविक खेती को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है, जिससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य में भी सुधार होगा। यह आयोजन किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिससे क्षेत्र में जैविक खेती को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
