Farrukhabad News : कैश प्राइज न मिलने पर खिलाड़ियों का हंगामा; ट्रैकसूट और प्रशस्ति पत्र जमीन पर फेंके, कुर्सियां तोड़ीं
कैश प्राइज न मिलने पर खिलाड़ियों का हंगामा; ट्रैकसूट और प्रशस्ति पत्र जमीन पर फेंके, कुर्सियां तोड़ीं
फर्रुखाबाद। जिला मुख्यालय स्थित फतेहगढ़ स्टेडियम में 'सांसद खेलकूद प्रतियोगिता' का समापन समारोह हंगामे की भेंट चढ़ गया। समापन के दौरान पांचों विधानसभा क्षेत्रों से आए विजेता खिलाड़ियों को जब केवल मेडल, प्रशस्ति पत्र और ट्रैकसूट दिए जाने लगे, तो वे नकद पुरस्कार (कैश प्राइज) की मांग को लेकर भड़क उठे। नकद पुरस्कार की मांग पर बवाल विवाद तब शुरू हुआ जब अलीगंज विधानसभा क्षेत्र की विजेता कबड्डी टीम और महिला पहलवानों ने नकद पुरस्कार की मांग की। खिलाड़ियों का आरोप था कि प्रतियोगिता के दौरान रेफरी ने उन्हें नकद इनाम देने का आश्वासन दिया था। खिलाड़ियों ने अन्य जनपदों का हवाला देते हुए कहा कि वहां नकद इनाम दिया जा रहा है, तो यहाँ क्यों नहीं।
अफरा-तफरी और पुलिस कार्रवाई गुस्साए खिलाड़ियों ने पंडाल के दूसरी ओर जाकर हंगामा शुरू कर दिया, जिसमें कुछ कुर्सियां भी टूट गईं। इस दौरान जिला क्रीड़ा अधिकारी कर्मवीर यादव के साथ धक्का-मुक्की की भी खबर है। स्थिति को बिगड़ता देख फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने एक कबड्डी कोच और दो खिलाड़ियों को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि इस दौरान एक खिलाड़ी को थप्पड़ मारा गया और एक अन्य खिलाड़ी के मोबाइल से हंगामे का वीडियो भी डिलीट कराया गया। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का पक्ष सांसद मुकेश राजपूत ने मौके पर पहुंचकर खिलाड़ियों को समझाया और स्पष्ट किया कि इस प्रतियोगिता में नकद पुरस्कार की कोई व्यवस्था नहीं थी। खिलाड़ियों को केवल ट्रॉफी, मेडल, प्रशस्ति पत्र, ट्रैकसूट और टी-शर्ट ही दी जानी थी। उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की लेकिन अनुशासनहीनता पर नाराजगी जताई।
वहीं, अमृतपुर विधायक ने बताया कि इस 25 दिवसीय आयोजन में करीब 13 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 650 विजेता रहे। कार्यक्रम में डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी, एसपी आरती सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा सहित कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। माफीनामे के बाद रिहाई फतेहगढ़ कोतवाली प्रभारी रणविजय सिंह के अनुसार, हिरासत में लिए गए तीनों व्यक्तियों से भविष्य में ऐसी गलती न करने का माफीनामा लिखवाकर और चेतावनी देकर उन्हें छोड़ दिया गया है।