राज्यसभा चुनाव: 37 में से 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, शरद पवार-अठावले समेत कई दिग्गज पहुंचे संसद
राज्यसभा चुनाव: 37 में से 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, शरद पवार-अठावले समेत कई दिग्गज पहुंचे संसद
देश में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए हो रहे चुनाव के बीच बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। दस राज्यों की इन सीटों में से सात राज्यों के 26 उम्मीदवार निर्विरोध ही राज्यसभा सदस्य चुन लिए गए हैं। इनमें कई बड़े और चर्चित नाम शामिल हैं। निर्विरोध चुने गए नेताओं में एनसीपी (एसपी) सुप्रीमो शरद पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी जैसे दिग्गज शामिल हैं। विपक्षी दलों द्वारा कई राज्यों में उम्मीदवार नहीं उतारने के कारण इन नेताओं को किसी भी मुकाबले या मतदान का सामना नहीं करना पड़ा।
अब बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर चुनाव होना बाकी है। इन सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान कराया जाएगा। इनमें बिहार की पांच, ओडिशा की चार और हरियाणा की दो सीटें शामिल हैं। बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के संभावित राज्यसभा जाने को लेकर है। बिहार की पांच सीटों पर छह उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें पांचवीं सीट के लिए बीजेपी के शिवेश कुमार और आरजेडी के एडी सिंह के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। विधानसभा में विधायकों की संख्या के गणित के आधार पर नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं बीजेपी के नितिन नवीन के भी राज्यसभा पहुंचने की संभावना मजबूत है। इसके अलावा जेडीयू के रामनाथ ठाकुर और आरएलएम अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के भी चुने जाने की संभावना जताई जा रही है। दरअसल, दस राज्यों की खाली हुई 37 सीटों के लिए करीब 40 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। कई राज्यों में उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर होने के कारण उन्हें निर्विरोध चुन लिया गया। हालांकि बिहार, ओडिशा और हरियाणा में सीटों से अधिक उम्मीदवार होने के कारण मतदान कराया जाएगा। असम में बीजेपी के जोगेन मोहन और तेरोस गोवाला के साथ बीजेपी समर्थित यूपीपीएल के प्रमोद बोरो निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तीनों नेताओं को बधाई देते हुए कहा कि ये नेता राज्यसभा में राज्य के हितों और विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। इधर बिहार, ओडिशा और हरियाणा में संभावित क्रॉस वोटिंग को देखते हुए सभी दल सतर्क नजर आ रहे हैं। बीजेपी ने इन राज्यों में चुनाव प्रबंधन के लिए वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाया है, ताकि पार्टी की रणनीति को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।
