विदेशों में भारतीय छात्रों और कामगारों की सुरक्षा के लिए सरकार का मजबूत तंत्र: किर्ति वर्धन सिंह
विदेशों में भारतीय छात्रों और कामगारों की सुरक्षा के लिए सरकार का मजबूत तंत्र: किर्ति वर्धन सिंह
MADAD पोर्टल, हेल्पलाइन और ICWF के जरिए मिल रही त्वरित सहायता
नई दिल्ली: विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों और काम कर रहे नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को केंद्र सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। संसद में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विदेश राज्य मंत्री किर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि दुनिया भर में स्थित भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास भारतीय नागरिकों को हर परिस्थिति में त्वरित कांसुलर सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। मंत्री ने बताया कि विदेशों में अध्ययनरत भारतीय छात्रों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने के लिए भारतीय मिशन विश्वविद्यालयों और छात्र समूहों से संवाद करते हैं और संभावित चुनौतियों व जोखिमों के बारे में समय-समय पर सलाह जारी करते हैं। छात्रों को सहायता के लिए MADAD पोर्टल, व्हाट्सएप समूह, कांसुलर कैंप, ओपन हाउस और 24×7 आपातकालीन हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्र को स्वास्थ्य आपातकाल, अपराध, भेदभाव, वीजा या आर्थिक समस्या जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो भारतीय मिशन तुरंत संबंधित संस्थानों और मेजबान देशों की सरकारों के साथ मामला उठाते हैं। जरूरत पड़ने पर आपातकालीन चिकित्सा सहायता, अस्थायी आवास और अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं। सरकार ने बताया कि संकटग्रस्त भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड (ICWF) का भी उपयोग किया जाता है। विदेश मंत्रालय ने छात्रों से बेहतर संवाद और सहायता सुनिश्चित करने के लिए हाल ही में स्टूडेंट आउटरीच और एंगेजमेंट के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी तैयार की है। इसके अलावा भारतीय कामगारों के हितों की सुरक्षा के लिए कई देशों के साथ लेबर और मैनपावर सहयोग समझौते किए गए हैं। मंत्री ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों के साथ माइग्रेशन और मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट लागू हैं, जिससे भारतीयों के सुरक्षित और कानूनी आवागमन को बढ़ावा मिल रहा है। सरकार ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों की शिकायतों के त्वरित समाधान और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और संस्थागत तंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
