फर्रुखाबाद नगर पालिका बोर्ड की बैठक संपन्न: 137 करोड़ के बजट को मंजूरी
फर्रुखाबाद नगर पालिका बोर्ड की बैठक संपन्न: 137 करोड़ के बजट को मंजूरी
फर्रुखाबाद/स्थानीय नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक पालिका परिसर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के विकास और प्रशासनिक कार्यों की रूपरेखा तय की गई। बैठक के दौरान कुल 137 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को सदन ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। बजट पारित होने के साथ ही सदन में शहर की कई प्रमुख समस्याओं, विशेषकर बंदरों के आतंक और सफाई कर्मचारियों की मनमानी को लेकर सभासदों ने तीखे सवाल उठाए। विकास और वेतन पर खर्च होंगे 137 करोड़ बैठक में पेश किए गए 137 करोड़ रुपये के बजट को दो प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है: बुनियादी सुविधाएं (46 करोड़ रुपये)शहर में नए निर्माण कार्यों, जलकल (पेयजल व्यवस्था) और पथप्रकाश (स्ट्रीट लाइट) की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए यह राशि आवंटित की गई है।
वेतन एवं पेंशन (91 करोड़ रुपये)नगर पालिका के कर्मचारियों के वेतन और रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन के लिए 91 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। सदन में उठे जनसमस्याओं के मुद्द विकास कार्यों के अलावा, बैठक में शहरवासियों से जुड़ी रोज़मर्रा की समस्याओं पर भी गंभीर चर्चा हुई: बंदरों का आतंक फतेहगढ़ के सभासद अनिल तिवारी ने शहर में लगातार बढ़ रहे बंदरों के आतंक का मुद्दा प्रमुखता से उठाया और इससे निजात दिलाने की मांग की। इस पर पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने सदन को आश्वस्त किया कि वन विभाग के समन्वय से बंदरों को पकड़वाने की उचित व्यवस्था जल्द ही की जाएगी। मृत पशु उठाने के नाम पर अवैध वसूली: एक अन्य सभासद ने सफाई कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मृत जानवरों को उठाने के एवज में कर्मचारियों द्वारा पैसों की मांग की जाती है। उन्होंने बताया कि इस भ्रष्टाचार के संबंध में कई बार वीडियो बनाकर मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक और स्वयं पालिकाध्यक्ष को भी भेजे गए हैं। इस गंभीर आरोप पर पालिकाध्यक्ष ने मामले की गहनता से जांच करवाकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। कर निर्धारण और पेंशन पर अहम फैसले पालिकाध्यक्ष ने बैठक में कर (Tax) और कर्मचारियों के हित में कुछ अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं: * शहर में नए सिरे से कर का निर्धारण 20 अप्रैल के बाद से शुरू कर दिया जाएगा।
एक बेहद अहम फैसले में यह तय किया गया कि मृतक कर्मचारियों के परिजनों को मिलने वाली पेंशन में से 15 प्रतिशत हिस्सा अब उनकी वृद्ध मां को भी दिया जाएगा ताकि बुजुर्गों को भी आर्थिक सहारा मिल सके। बैठक के अंत में सभी प्रस्तावों को पढ़कर सुनाया गया, जिस पर सभी सदस्यों ने अपनी सर्वसम्मति जताते हुए मुहर लगा दी। इस अवसर पर ईओ (अधिशासी अधिकारी) विनोद कुमार सहित पालिका के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और भारी संख्या में सभासद उपस्थित रहे।