दुष्कर्म आरोपियों के अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर, जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ा एक्शन
दुष्कर्म आरोपियों के अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर, जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ा एक्शन
कायमगंज/फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को सख्ती से लागू करते हुए कायमगंज के कंपिल थाना क्षेत्र में प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। करीब पांच महीने पहले एक छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में नामजद आरोपियों द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को प्रशासन ने आज भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया। सुबह शुरू हुई कार्रवाई मंगलवार तड़के एसडीएम अतुल कुमार सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम और पुलिस बल ने कार्रवाई की शुरुआत की। प्रशासन ने पहले ही आरोपियों को नोटिस जारी कर दिया था और उन्हें मंगलवार तक अवैध कब्जा हटाने का समय दिया था। लेकिन आदेशों का पालन न होने पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया।
अवैध दुकानों और जमीनों का हुआ निर्धारण** शमसाबाद के नायब तहसीलदार अनवर हुसैन के नेतृत्व में लेखपालों की टीम ने अवैध कब्जों की पहचान की। जांच में सामने आया कि आरोपियों शीबू और सलमान द्वारा कोचिंग सेंटर के सामने अवैध दुकानों का निर्माण किया गया था। इसके अलावा, आरोपी अनस ने निजामुद्दीनपुर गांव के नवीन परती भूमि (गाटा संख्या 336) पर भी अवैध कब्जा कर रखा था, जिसे प्रशासन ने मुक्त करा लिया। **शकील मार्केट पर विवाद** कार्रवाई के दौरान शकील मार्केट का भी सीमांकन किया गया। राजस्व विभाग का कहना है कि इस मार्केट का एक हिस्सा कब्रिस्तान की भूमि पर बनाया गया है। हालांकि, शकील मार्केट के मालिक शकील ने इन आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा, "यह निर्माण नगर पंचायत के स्वीकृत नक्शे के अनुसार किया गया है, और मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। मेरा इस मुख्य आपराधिक प्रकरण के आरोपियों से कोई संबंध नहीं है।" **प्रशासन का कड़ा संदेश** प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार्य नहीं होगा, विशेषकर उन मामलों में जहां आरोपी गंभीर अपराधों में संलिप्त हैं। इस कड़ी कार्रवाई के बाद इलाके के अन्य अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है और यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अवैध कब्जों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।