कानून के पालन के लिए बार और बैंच सम्बन्ध बनाए रखे: अहमद उल्ला खां
कानून के पालन के लिए बार और बैंच सम्बन्ध बनाए रखे: अहमद उल्ला खां
एटा। राजकीय जिला कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी एटा में विधि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एल्डर कमेटी के चेयरमैन सुरेन्द्र वर्मा ने की। और संचालन हिमांशु कुलश्रेष्ठ/देवेन्द्र लोधी एडवोकेट ने किया। विधि गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला जज एमएसीटी अहमद उल्लाह खां व जिला जज प्रतिनिधि अतिथि अपर जिला जज कमालुद्दीन खा, अपर जिलाधिकारी रमेश मौर्य,बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कुमार वर्मा एडवोकेट, महासचिव राजीव शर्मा एडवोकेट ने किया। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों का फूल मालाओं और प्रतीक चिन्न भेज कर स्वागत किया। इसी के साथ बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ताओं, पूर्व अध्यक्ष/महासचिवों का भी प्रतीक चिन्न भेट कर स्वागत किया।
मुख्य अतिथि जिला जज एमएसीटी अहमद उल्लाह खां ने क्लेम पर चर्चा की उन्होंने कहा कि कानून के पालन के लिए बार और बैंच सम्बन्ध बनाए रखें,वक्ताओं में सीनियर अधिवक्ता सी पी सिंह ने नए आपराधिक कानून 2023 पर प्रकाश डाला। इसके बाद अपर जिला जज कमालुद्दीन खान ने भी नए कानूनों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज कुमार उपाध्याय ने भी नए कानूनों पर विस्तार से जानकारी दी। और उन्होंने पॉक्सो एक्ट पर भी चर्चा की। वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन चतुर्वेदी ने भी कहा कि नए कानूनों में भी काफी बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत 15 दिन से बढ़ाकर 90 दिन करना, कानून का दुरूपयोग हो सकता है। धारा 377 को खत्म करना भी गलत है। लेकिन अनुच्छेद 21दैहिक स्वतंत्रता है। वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश यादव ने भी अपने विधिक विचार रखे।
उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस बाले अपने अधिकारों का दुरूपयोग कर रहे हैं। पॉस्को एक्ट के मामलों को न्यायिक पीठासीन अधिकारी गंभीरता से ले। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद तिवारी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि वादी का हित सर्वोच्च है लेकिन वादी के हित का ज्यादा ध्यान नहीं रखा जा रहा है। कार्यपालिका के हित में संविधान और कानून चला गया है। अधिवक्ता गिरीश चन्द्र शर्मा ने भी नए कानूनों पर चर्चा की। अंत बार एसोसिएशन एटा के अध्यक्ष संतोष कुमार वर्मा एडवोकेट ने सभी अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया।