हिन्द लैम्प शिकोहाबाद में शब्दम् संस्था द्वारा वसंतोत्सव पर काव्य गोष्ठी का आयोजन
शब्दम् संस्था द्वारा वसंतोत्सव पर काव्य गोष्ठी का आयोजन शब्दम्
शिकोहाबाद।संस्था द्वारा वसंतोत्सव के अवसर पर एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। आमंत्रित कवि डॉ राजकुमार ‘रंजन’, राजीव ‘रसधर’ व डॉ निर्दोष कुमार ‘प्रेमी’ ने सभागार को अपने काव्यपाठ से वासंती रंगों में रंग दिया।
डॉ. राजकुमार ‘रंजन’ ने हिंदी की महिमा पर काव्यपाठ करते हुए कहा ‘दिनकर की हुंकारे इसमें, भूषण की ललकारें, बच्चन की मधुशाला इसमें, नीरज की झंकारे...’। उन्होंने वसंत पर लोकगीत सुनाकर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
राजीव ‘रसधर’ ने अपने काव्य पाठ में कहा, कोयल ने जेठो करौ, मीठो निकरो आम...। उन्होंने मां बाप की सेवा को प्रेरित करने वाले मुक्तक भी सुनाए जिन्हें श्रोताओं ने सराहा।
डॉ. निर्दोष कुमार ‘प्रेमी’ ने कहा ‘मुश्किलों में भी झूम लेता हूँ, असमानों पे घूम लेता हूँ...’। उन्होंने अपनी ग़ज़ल भी सुनाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ महेश अलोक ने कहा कि आमंत्रित कवियों न अपनी शानदार प्रस्तुति से सभागार को वसंतमय कर दिया। उन्होंने अपनी कविता फूल वाले दिनों की कसम है तुम्हें... को पढ़कर सुनाया।
कार्यक्रम का काव्यमय संचालन अरविन्द तिवारी ने किया। उन्होंने अपना गीत ’महुए की गंध है, जामुनी अंधेरा...’ सुनाया। शब्दम् परिचय मंजर उल- वासै व धन्यवाद ज्ञापन दीपक ओहरी ने दिया। कार्यक्रम से पूर्व सभी ने पौधा रोपण भी किया। संस्कृति-प्रकृति के मिलन के मध्य अंबर तले समूह छायांकन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।