रेलवे रोड निर्माण पर व्यापारियों का धरना समाप्त, बनी सहमति
रेलवे रोड निर्माण पर व्यापारियों का धरना समाप्त, 7 मीटर सड़क और फुटपाथ निर्माण पर बनी सहमति ।
फर्रुखाबाद। शहर में रेलवे रोड के निर्माण और चौड़ीकरण को लेकर चल रहा व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन सोमवार देर शाम समाप्त हो गया। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि और व्यापारियों के बीच हुई वार्ता के बाद दोनों पक्षों में सहमति बन गई है, जिसके बाद व्यापारियों ने अपना धरना वापस ले लिया। क्या थी व्यापारियों की मांग? उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (मिश्रा गुट) के नेतृत्व में स्थानीय व्यापारी रेलवे रोड के निर्माण को लेकर लामबंद थे। व्यापारियों की मुख्य मांग थी कि सड़क का निर्माण 7 मीटर के बजाय 10 मीटर चौड़ाई में किया जाए। इसके अलावा, व्यापारी प्रशासन से 'मॉडल रोड' की परिभाषा स्पष्ट करने की मांग कर रहे थे, जिसका वादा कथित तौर पर पूर्व में किया गया था।
दस्तावेजों से बनी बात सोमवार देर शाम नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज अग्रवाल धरना स्थल पर पहुंचे और व्यापारियों से सीधी बात की। उन्होंने शासन द्वारा जारी स्वीकृति पत्र (Approval Letter) दिखाते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से केवल 7 मीटर चौड़े मार्ग के निर्माण को ही मंजूरी मिली है, इसलिए इसे 10 मीटर करना संभव नहीं है। 'मॉडल रोड' और फुटपाथ पर स्पष्टीकरण करीब 20 मिनट तक चली इस वार्ता में मनोज अग्रवाल ने 'मॉडल रोड' के मुद्दे पर भी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि नगर पालिका द्वारा कभी भी आधिकारिक तौर पर 'मॉडल रोड' बनाने की बात नहीं कही गई थी। हालांकि, उन्होंने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि 7 मीटर सड़क निर्माण के बाद, बची हुई जगह पर व्यवस्थित फुटपाथ का निर्माण कराया जाएगा। पृष्ठभूमि गौरतलब है कि यह महत्वपूर्ण सड़क शहर के चौक से लेकर रेलवे स्टेशन तक बनाई जानी है। करीब तीन साल पहले इसी मार्ग को 'मॉडल रोड' बनाने की बात कहकर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था, जिसमें बड़े पैमाने पर दुकानों और मकानों में तोड़फोड़ की गई थी। तीन साल के लंबे इंतजार के बाद अब जब निर्माण कार्य शुरू हुआ, तो पुराने वादों को लेकर व्यापारियों ने विरोध जताया था, जो अब शांत हो गया है।