Etah News : मिलेट महोत्सव में किसानों को मिला श्री अन्न की खेती बढ़ाने का संदेश
मिलेट महोत्सव में किसानों को मिला श्री अन्न की खेती बढ़ाने का संदेश
एटा। कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के अंतर्गत 13 एवं 14 मार्च को जलेश्वर मिश्र सभागार परिसर में द्विदिवसीय मिलेट महोत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह के निर्देशों के क्रम में आयोजित किया गया। महोत्सव का शुभारंभ विकासखंड शीतलपुर के ब्लॉक प्रमुख पुष्पेंद्र लोधी और विकासखंड मारहरा के ब्लॉक प्रमुख रवि वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथियों ने विभिन्न विभागों और कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा किसानों से संवाद कर मिलेट (श्री अन्न) की खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
महोत्सव में अलीगढ़, मैनपुरी, कानपुर और एटा के कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा मिलेट उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, उद्यान और पशुपालन विभाग के स्टॉलों के माध्यम से किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। निजी निवेश के अंतर्गत बीज, खाद, कृषि रक्षा रसायन और कृषि यंत्रों से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए, जिन्हें किसानों ने काफी सराहा। मुख्य अतिथियों ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए दैनिक आहार में मिलेट को शामिल करना जरूरी है। उन्होंने किसानों से जनपद में बाजरा सहित अन्य मिलेट फसलों की खेती बढ़ाने की अपील की। इस दौरान बताया गया कि कृषि विभाग द्वारा रागी, कोदो और सांवा की मिनी किट उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनकी खरीफ में बुवाई कर किसान उत्पादन बढ़ा सकते हैं। उप कृषि निदेशक ने मिलेट की उन्नत खेती और प्रोसेसिंग की जानकारी दी, जबकि जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि मिलेट की खेती से भूमि की उर्वरता में सुधार होता है और कम लागत में उत्पादन संभव होने से किसानों की आय में वृद्धि होती है। केवीके अवागढ़ के वैज्ञानिकों ने श्री अन्न के पोषण और स्वास्थ्य लाभों पर भी प्रकाश डाला।
जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह ने फलोत्पादन, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली और विभागीय योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में अमेठी से आए जादूगर राजेश श्रीवास्तव ने जादू के माध्यम से मिलेट उत्पादों के लाभों को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया, जिसे किसानों ने काफी सराहा। कार्यक्रम के दौरान 13 मार्च को शाम 5 बजे असम से प्रधानमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी किए जाने का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। इसे किसानों ने उत्साहपूर्वक देखा और बड़ी संख्या में किसानों को उनके मोबाइल पर किस्त प्राप्त होने के संदेश भी मिले।
