Etah News : राष्ट्रीय लोक अदालत में 50,645 वादों का निस्तारण, एटा में बना रिकॉर्ड

Mar 14, 2026 - 21:51
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Etah News : राष्ट्रीय लोक अदालत में 50,645 वादों का निस्तारण, एटा में बना रिकॉर्ड

Etah News : राष्ट्रीय लोक अदालत में 50,645 वादों का निस्तारण, एटा में बना रिकॉर्ड

एटा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार शनिवार को दीवानी न्यायालय एटा, ग्राम न्यायालय अलीगंज, कलेक्ट्रेट तथा जनपद की समस्त तहसील न्यायालय परिसरों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश दिनेश चन्द ने की। लोक अदालत का शुभारम्भ प्रातः 10:30 बजे सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अनेक न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 63,786 वाद सूचीबद्ध किए गए थे, जिनमें से 50,645 वादों का निस्तारण कर जनपद में अब तक की लोक अदालतों में सर्वाधिक निस्तारण का रिकॉर्ड बनाया गया। कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश द्वारा 19 पारिवारिक मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण (एमएसीटी) द्वारा 127 मामलों का निस्तारण करते हुए 8 करोड़ 22 लाख 93 हजार 974 रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। स्थायी लोक अदालत एटा में 3 वाद, विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) द्वारा 480 वाद तथा विशेष न्यायाधीश (रेप एवं पॉक्सो एक्सक्लूसिव एक्ट) द्वारा 10 वादों का निस्तारण किया गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जलेसर द्वारा 527 मामलों का निस्तारण कर 10,520 रुपये का जुर्माना वसूला गया, जबकि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 2,597 तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट एटा द्वारा 610 मामलों का निस्तारण किया गया। ग्राम न्यायालय अलीगंज द्वारा 622 मामलों तथा अपर सिविल जज (जू०डि०) द्वारा 230 मामलों का निस्तारण किया गया।

इसके अतिरिक्त राजस्व एवं प्रशासनिक विभागों द्वारा 42,659 लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का समाधान किया गया। बैंकों द्वारा भी 473 मामलों का निस्तारण कर 7 करोड़ 61 लाख 62 हजार रुपये की वसूली निर्धारित की गई, जिसमें से मौके पर ही 3 करोड़ 87 लाख 37 हजार रुपये की ऋण वसूली कर कई लोन मामलों का निपटारा किया गया। लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों तथा संबंधित विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।