नवरात्रि पर्व ( अश्विन )-

Sep 22, 2025 - 09:00
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नवरात्रि पर्व ( अश्विन )-

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नवरात्रि पर्व ( अश्विन )-

भुवाल माता की जय हों ।

कुलदेवी माता की जय हों ।

इन्द्रिय मन को वश में माता कराती ।

आत्म विजेता की राह माता दिखलाती ।

माता ज्ञानी अनुसंधानी । माता जगत जीवनदानी ।

माता की गाथा अविरल ।

माता हैं निश्चल । माता को चाह नहीं ।

सूखों की परवाह नहीं ।

अन्तर - मन में वास माता करती ।

सबके तम को माता हरती ।

आउखे की घड़ी नहीं जानते ।

गहरे तम में ज्योत जला ले । 

सत्य - काम नचिकेता बन ।

साधन विशुद्धि का दिग्दर्शन ।

अभिनव अनुपम माता का दर्शन ।

निज पर जीवन - उन्नेता माता बनाती ।

 तकलीफो में माता मजबूत कराती ।

दूत बन सदा माता साथ रहती ।

भुवाल माता की आस्था अविरल ।

 प्रदीप छाजेड़ ( बोरावड़ )

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SuragBureau

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