आगरा में नजीर-जयंती और बसंत पर्व समारोह का भव्य आयोजन
आगरा में नजीर-जयंती और बसंत पर्व समारोह का भव्य आयोजन
आगरा। आगरा में ताजगंज के ‘शीरोज हैंगआउट’ कैफे में जनकवि नज़ीर अकबराबादी की जयंती और बसंत पर्व के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भी श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दीपक कुमार, पुलिस आयुक्त आगरा रहे, जिन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि आगरा की सांस्कृतिक पहचान में नज़ीर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नज्म और गजल जैसी विधाओं में नज़ीर और निराला ने जनसाधारण की भावनाओं को शब्दों में पिरोया और उनकी रचनाएँ आज भी प्रासंगिक हैं।
कार्यक्रम में शैलेश शर्मा (डीआईजी आगरा परिक्षेत्र) और सय्यद अली अब्बास (डीसीपी नगर) भी उपस्थित रहे। इस वर्ष बसंत पर्व पर नज़ीर के साथ निराला और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की रचनाओं की प्रस्तुतियाँ की गईं। नेताजी के जन्मदिवस पर उनके नेतृत्व में गठित आजाद हिंद फौज (INA) के प्रसिद्ध गीत "कदम कदम बढ़ाए जा" की प्रस्तुति ने श्रोताओं को देशभक्ति की भावना से भर दिया। सांगीतिक प्रस्तुतियों का संचालन **अमृता विद्या - एजुकेशन फॉर इम्मोर्टालिटी सोसायटी और छांव फाउंडेशन** ने किया। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गायक सुधीर नारायण, जो बेगम अख्तर पुरस्कार और यूपी संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हैं, ने कहा कि उनका प्रयास रहता है कि बसंत पर्व पर आगरा में ही नज़ीर को याद किया जाए। उनके साथ ख़ुशी सोनी, हर्षित पाठक, देशदीप शर्मा, सुरेश राजपूत, प्रीती कुमारी, अमन शर्मा और राज मैसी जैसी प्रतिभाओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की प्रस्तुतियाँ इस प्रकार थीं: 1. वर दे वीणा वादिनी 2. निराला की रचना “सखी बसंत आया” (राग रागेश्वरी, एक ताल बारहा मात्रा निबद्ध) 3. नज़ीर की रचना **“क्या क्या कहूँ मैं कृष्ण कन्हैया का बालपन” 4. जब लाद चलेगा बंजारा 5. रख ध्यान सुनो दंदोत, करो जय बोलो कृष्ण कन्हैया की 6. सब की तो बसन्ते हैं पर यारों का बसंता 7. हज़रात सलीम चिस्ती – है दो जहाँ के सुल्तान हज़रत सलीम चिस्ती कार्यक्रम में एसिड हमला पीड़िताओं की सहभागिता को विशेष महत्व दिया गया। छांव फाउंडेशन के डायरेक्टर आशीष शुक्ला ने कहा कि ऐसे आयोजन पीड़िताओं के लिए प्रेरणादायक हैं और उनमें साहित्यिक अभिरुचि भी बढ़ा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, नज़ीर अकबराबादी पर प्रस्तावित बहुभाषी फिल्म का प्रोमो भी प्रदर्शित किया गया। समाजसेवी अनिल शर्मा ने जानकारी दी कि फिल्म की शूटिंग शीघ्र शुरू की जाएगी और यह नज़ीर के विश्वभर फैले प्रशंसकों की भावनाओं के अनुरूप होगी। आयोजन में एक प्रस्ताव पारित कर ताजमहल मेट्रो स्टेशन या मल्को गली के आसपास के मेट्रो स्टेशन का नाम जनकवि नज़ीर के नाम पर रखने की सिफारिश भी की गई, जिसे संबंधित शासन और महानगर अधिकारियों को भेजा जाएगा। तीन घंटे से अधिक समय तक चले कार्यक्रम की अध्यक्षता दीपक कुमार ने की और संचालन दिनेश श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में अनेक साहित्यिक, सांगीतिक और समाजसेवी व्यक्तित्व उपस्थित रहे।