सकीट रोड पर बिक रहा 'धीमा ज़हर', किशोरों को निगल रहा नशे का जाल

Aug 19, 2025 - 20:55
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सकीट रोड पर बिक रहा 'धीमा ज़हर', किशोरों को निगल  रहा नशे का जाल

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सकीट रोड पर बिक रहा 'धीमा ज़हर', किशोरों को निगल रहा नशे का जाल

 **पुलिस और अभिभावक बेखबर, शहर का भविष्य खतरे में**

एटा। सकीट रोड, जीटी रोड क्षेत्र में नशे का एक नया और खतरनाक रूप युवाओं को अपने चपेट में ले रहा है। मेडिकल स्टोरों से आसानी से मिलने वाली कुछ नशीली दवाएं अब किशोर उम्र के लड़कों में तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। चिंता की बात यह है कि यह नशा धीरे-धीरे युवाओं के जीवन को अंदर से खोखला कर रहा है — एक ऐसा 'धीमा ज़हर' जिसे ना तो पुलिस गंभीरता से ले रही है और ना ही अधिकांश अभिभावकों को इसकी भनक है।

★ **मेडिकल स्टोर बना आसान जरिया** स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ मेडिकल स्टोर संचालक बिना डॉक्टर की पर्ची के नशीली दवाइयां बेच रहे हैं। इन दवाओं में सिरप, स्लीपिंग पिल्स, ट्रैंक्विलाइज़र जैसी चीज़ें शामिल हैं जिन्हें किशोर आसानी से खरीद रहे हैं। अक्सर इन्हें फिजूल की बहानों से लिया जाता है, और फिर सुनसान जगहों या झुंड में बैठकर इनका सेवन किया जाता है।

★ **स्कूल बैग में नशा, किताबें पीछे** इन किशोरों की उम्र 13 से 18 वर्ष के बीच की है। स्कूल ड्रेस में घूमते ये लड़के नशे की गिरफ्त में आकर पढ़ाई, घर और भविष्य से मुंह मोड़ चुके हैं। नशे का यह जाल ना सिर्फ उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा रहा है, बल्कि उन्हें अपराध की दुनिया की ओर भी धकेल सकता है।

★ **क्या कर रही है पुलिस?** स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस बारे में कई बार पुलिस को मौखिक शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सवाल यह उठता है कि आखिर कब जागेगी पुलिस और कब सख्ती से मेडिकल स्टोरों पर निगरानी रखी जाएगी?

★ **अभिभावकों की भूमिका भी सवालों में** कई अभिभावक यह मानकर चल रहे हैं कि उनका बच्चा पढ़ाई में व्यस्त है, लेकिन वे यह नहीं जान पा रहे कि वह कब और कैसे इस दलदल में फँस चुका है। जागरूकता और संवाद की कमी आज की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है।

★**समाधान क्या है?** 1. **प्रशासन द्वारा मेडिकल स्टोरों की सघन जांच।** 2. **स्कूल स्तर पर नशा विरोधी जागरूकता अभियान।** 3. **अभिभावकों के लिए काउंसलिंग सेशन।** 4. **संदिग्ध गतिविधियों पर सामुदायिक निगरानी।** ### **निष्कर्ष:** शहर के भविष्य को बचाना है तो नशे के इस 'धीमे ज़हर' को रोकना ही होगा। अब समय आ गया है जब समाज, प्रशासन और परिवार एक साथ मिलकर इस मुहिम में जुटें।

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SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

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