फिर कोशिश क्यों लकीरों में मत उलझ ! न क़िस्मत के जंजाल में !

Dec 05, 2023 - 09:08
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फिर कोशिश क्यों लकीरों में मत उलझ ! न क़िस्मत के जंजाल में !

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फिर कोशिश क्यों लकीरों में मत उलझ ! न क़िस्मत के जंजाल में !

 आत्मविश्वास और स्वयं के बनाये पुरुषार्थ के रास्ते पर ! डटा रे ! एतबार कर , निश्चित ही मिलेगी मंजिल या सबब ! और आगे बढे़गा । भले क़दम छोटे हो तो भी कोई फ़र्क़ नही पड़ता,पूर्ण ध्येय से हम बढ़ते रहे। मंझिल पास नज़र आएगी अरे ख़ाक हो जाते है वो जो अपने हालातों को मानते है ।

क़िस्मत अपनी अगर हौंसलें बुलंद हो तो क़िस्मतें भी बदल जाती है और सारी कायनात उसे मिलाने में शिद्धत से जुड़ जाती हैं। समय एक ऐसा चक्र है जो ना किसी के लिए रुकता है और ना किसी के लिए वापिस आता है ।कहते है समय बड़ा अजीब होता है, इसके साथ चलो तो किस्मत बदल देता है और ना चलो तो किस्मत को ही बदल देता है ।

दुनिया में केवल समय ही है जो हर इंसान को सीमित मात्रा में मिला है बाकी सब चीज़े असीमित हो सकती है ।समय बड़ा बलवान हैं । समय को भगवान की बनायी इस स्रष्टि में सबसे बलवान माना गया है ।जब ये बदलता है तो इंसान को राजा से रंक और रंक से राजा बना सकता है ।इसके कहर से राजा-महाराजा तक सब घबराते है और हर कोई चाहता है कि ये हमेशा उनके साथ रहे ।

अतः हम भौतिकवाद से बाहर निकलकर आध्यात्मिक की और अग्रसर होकर समय का पूरा सदुपयोग करते हुए इस दुर्लभतम मनुष्य जीवन को सार्थक करते हुए अपने परम धाम की और् अग्रसर हों। इसलिए कहा है कि कोशिश हर समय अपने हिसाब से करनी जरुरी है । क्या पता किस्मत में जो मिलना लिखा हो उसकी प्रक्रिया कोशिश करने से ही पूरी होगी । प्रदीप छाजेड़

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SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

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