Cyber Crime: ऐसे होता है साइबर फ्रॉड, जानकारी से बच सकते हैं

Nov 29, 2023 - 08:48
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Cyber Crime: ऐसे होता है साइबर फ्रॉड, जानकारी से बच सकते हैं

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Cyber Crime: टेक्नोलॉजी ने हमारे जीवन को हर तरीके से बदला है. तकनीक की मदद से हमारे कई काम बहुत आसान हो गए हैं और जिंदगी में आमूलचूल परिवर्तन आ गया है।

 मगर, यह तकनीक अपने साथ कई खतरे भी लेकर आई है। इनमें साइबर फ्रॉड सबसे अहम है, जिसे इस टेक्नोलॉजी के दम पर ही अंजाम दिया जाता है. साइबर धोखाधड़ी भारत में एक गंभीर मुद्दा बन गया है. इसलिए ऑनलाइन दुनिया में किसी भी प्रकार के फाइनेंसियल ट्रांजेक्शन करते समय हमें बहुत सावधान रहने की जरूरत है।

 डिजिटल ट्रांजेक्शन के दौरान इन तरीकों से आपके साथ ठगी हो सकती है. आइए आपको समझाते हैं कि कैसे सावधान रहकर आप अपने काम निपटाते हुए साइबर फ्रॉड से भी बचकर रह सकते हैं. पहचान चुराकर धोखा देना साइबर फ्रॉड का सबसे आसान तरीका लोगों की पहचान चुराना है।

 इसके लिए साइबर क्राइम करने वाले आपका आधार, पैन कार्ड और बैंक से जुड़ी जानकारियां चुराते हैं. इस निजी जानकारी की मदद से पीड़ित के खाते से अवैध रूप से रकम निकाल ली जाती है. इसलिए आप ऐसी जानकारी किसी भी हाल में किसी को भी न दें. फर्जी इनवेस्टमेंट स्कीम से बेवकूफ बनाना इनवेस्टमेंट के लिए ऑनलाइन सुविधाएं आने के साथ ही अपराधियों को भी मौका मिल गया है।

वह हाई रिटर्न का लालच देकर आपको ऐसी स्कीम में फंसाते हैं, जहां पैसा डूबने की ज्यादा आशंका होती है. कई कंपनियां तो निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए ऑफिस भी खोल लेती हैं. काफी पैसा इकठ्ठा होते ही ये कंपनियां ऑफिस बंद कर भाग जाती हैं. इसलिए यदि कोई आपको ऐसी स्कीम के बारे में बताए, जहां रिटर्न बैंक और एनबीएफसी से ज्यादा हो तो साफ मन कर दें।

 ईमेल और मैसेज करके लोगों को फांसना साइबर फ्रॉड के लिए अपराधी ईमेल, मैसेज या वेबसाइट बनाकर ऐसा दिखाने की कोशिश करते हैं कि वो वैध कंपनी या व्यक्ति हैं. लोग इनके झांसे में जाकर अपनी जानकारी लीक कर देते हैं और धोखे के शिकार हो जाते हैं. देश में इस तरह के फिशिंग स्कीम बहुत तेजी से सामने आए हैं। एटीएम से छेड़छाड़ कर जानकारी चुराना वित्तीय अपराध करने वाले लोग एटीएम मशीन के साथ भी छेड़छाड़ करके आपके कार्ड से जुड़ी जानकारियां चुराते हैं।

 इसे एटीएम स्किमिंग कहते हैं. ये छोटे डिवाइस बिलकुल मशीन का हिस्सा लगते हैं और लोगों का इन पर शक नहीं जाता। डाटा चोरी कर फिरौती मांगना इन दिनों व्यापारिक संस्थानों से जुड़ा डाटा चोरी कर फिरौती मांगने का प्रचलन भी बढ़ता जा रहा है. इसे रैनसमवेयर अटैक कहा जाता है. हाल ही में टाटा ग्रुप के होटल भी ऐसे ही हमले के शिकार बने थे।

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SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

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