ग्राम चौपाल में योजनाओं की जानकारी, कैंप आयोजन और सख्त निर्देश
ग्राम चौपाल में योजनाओं की जानकारी, कैंप आयोजन और सख्त निर्देश
एटा। सकीट विकास खंड की ग्राम पंचायत मुबारिकपुर निबरुआ में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में एसीएमओ, सीवीओ, खंड विकास अधिकारी, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, जिला पूर्ति अधिकारी, वन विभाग के फॉरेस्टर एवं जलनिगम के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत घरों में सोलर पैनल स्थापित कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना तथा मनरेगा के श्रमिकों की ई-केवाईसी समय से पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया।
ग्राम चौपाल के अवसर पर कृषि एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप लगाए गए, जिनमें किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की गई तथा पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड बनाए गए। केयरटेकर के मानदेय का समय से भुगतान न होने पर मुख्य विकास अधिकारी ने समूह सखी एवं ब्लॉक मिशन मैनेजर को कड़ी चेतावनी दी और भविष्य में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्लॉक स्तर पर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा पद से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान दिव्यांग शौचालय, विद्यालय परिसर एवं संपर्क मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए। थाना महिला सशक्तिकरण, मिशन लखपति दीदी एवं आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई तथा ग्रीन चौपाल के माध्यम से अधिकाधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में ग्राम पंचायत सचिव निर्वेश यादव एवं पंचायत सहायक सृष्टि यादव के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने अन्य कर्मचारियों को भी समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा दी। ग्राम चौपाल का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की।

