फर्रुखाबाद में मेडिकल कॉलेज की मांग: भोजपुर विधायक ने विधानसभा में उठाए विकास के कई बड़े मुद्दे

Feb 19, 2026 - 21:35
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फर्रुखाबाद में मेडिकल कॉलेज की मांग: भोजपुर विधायक ने विधानसभा में उठाए विकास के कई बड़े मुद्दे

फर्रुखाबाद में मेडिकल कॉलेज की मांग: भोजपुर विधायक ने विधानसभा में उठाए विकास के कई बड़े मुद्दे।

फर्रुखाबाद। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने फर्रुखाबाद के विकास को लेकर सदन में जोरदार तरीके से अपनी बात रखी। उन्होंने जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से लेकर प्रशासनिक सुधारों तक कई महत्वपूर्ण मांगें सरकार के सामने रखीं। मेडिकल कॉलेज और तकनीकी बाधाएं विधायक राठौर ने कहा कि तकनीकी खामियों के कारण फर्रुखाबाद अब तक मेडिकल कॉलेज की सुविधा से वंचित रहा है। हालांकि, अब वे सभी कमियां दूर कर ली गई हैं।

उन्होंने सदन में जोर देकर मांग की कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए यहाँ जल्द से जल्द एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जाना चाहिए। आलू किसानों के लिए अनुदान की मांग जिले की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि फर्रुखाबाद एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडी और देश का अग्रणी आलू उत्पादक जिला है। उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि पिछले दो वर्षों से आलू किसानों को उनकी फसल की लागत का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसानों को राहत देने के लिए उन्होंने कोल्ड स्टोरेज के भाड़े और परिवहन में सरकारी अनुदान (subsidy) देने की व्यवस्था करने की अपील की। ट्रैफिक समस्या और बाईपास का निर्माण कमालगंज नगर पंचायत के बारे में बोलते हुए उन्होंने बताया कि यह उनके क्षेत्र की सबसे पुरानी नगर पंचायत है, लेकिन यहाँ अक्सर भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। जनता को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए उन्होंने कमालगंज में बाईपास निर्माण की मांग उठाई। धार्मिक पर्यटन और बुनियादी ढांचा श्रृंगीरामपुर के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि यहाँ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में कांवड़िये आते हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उन्होंने श्रृंगीरामपुर-उधरनपुर मार्ग के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण की मांग की। इसके साथ ही दुर्गपुर में काली नदी पर नए पुल के निर्माण का मुद्दा भी सदन में रखा। जहानगंज को नया ब्लॉक बनाने का प्रस्ताव प्रशासनिक दृष्टिकोण से विधायक ने सुझाव दिया कि कमालगंज ब्लॉक का क्षेत्रफल काफी बड़ा है, जिससे विकास कार्यों और प्रबंधन में कठिनाई होती है। इसे देखते हुए उन्होंने जहानगंज को एक अलग ब्लॉक बनाने की मांग भी सदन के पटल पर रखी।