लिंक एक्सप्रेसवे और कृषि समझौते के विरोध में भाकियू (टिकैत) का कलेक्ट्रेट पर हल्ला बोल

Feb 13, 2026 - 20:36
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लिंक एक्सप्रेसवे और कृषि समझौते के विरोध में भाकियू (टिकैत) का कलेक्ट्रेट पर हल्ला बोल

लिंक एक्सप्रेसवे और कृषि समझौते के विरोध में भाकियू (टिकैत) का कलेक्ट्रेट पर हल्ला बोल। 

फर्रुखाबाद । भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने अपनी विभिन्न स्थानीय और राष्ट्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष अजय कटियार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने जिलाधिकारी (DM) कार्यालय का घेराव किया और वहीं धरने पर बैठ गए। किसानों का स्पष्ट कहना है कि जब तक जिलाधिकारी से संतोषजनक वार्ता नहीं होती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। भूमि अधिग्रहण और सर्किल रेट में विसंगति का मुद्दा प्रदर्शन के दौरान किसानों ने 'लिंक एक्सप्रेसवे' के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण पर गंभीर सवाल उठाए। जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने आरोप लगाया कि: विभिन्न गाँवों में जमीन के सर्किल रेट में भारी असमानता है। हैरानी की बात यह है कि अनुपजाऊ जमीन का सर्किल रेट अधिक और उपजाऊ (उपजाऊ) जमीन का रेट कम रखा गया है। यूनियन की मांग है कि सभी जमीनों का सर्किल रेट बढ़ाकर एक समान दर पर अधिग्रहण किया जाए।

किसानों ने चेतावनी दी कि वर्तमान में 10 गाँवों के बैनामे रोके गए हैं, लेकिन जब तक किसानों की राय लेकर लेआउट में सुधार नहीं होता, तब तक शेष 33 गाँवों के बैनामे भी रोके जाएँ। मांगे पूरी न होने पर अमृतपुर सदर तहसील के घेराव की घोषणा भी की गई है। भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते का कड़ा विरोध स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ किसान यूनियन ने केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए जा रहे कृषि व्यापार समझौते पर भी तीखा हमला बोला। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में किसानों ने कहा: यह समझौता पूरी तरह किसान विरोधी है और इससे सस्ती विदेशी उपज भारतीय बाजार में आने से स्थानीय किसान तबाह हो जाएंगे। व्यापार संतुलन के नाम पर कृषि सब्सिडी कम करने और MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) व्यवस्था को कमजोर करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। इससे भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और आत्मनिर्भरता पर सीधा प्रहार होगा। अन्य प्रमुख मांगें: ज्ञापन में जिले के विकास से जुड़ी अन्य मांगें भी शामिल की गईं, जिनमें मुख्य हैं: जनपद में आलू आधारित उद्योगों की स्थापना। गंगा किनारे तटबंधों का निर्माण। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा के स्तर में सुधार।

लोहिया अस्पताल और निजीगंज में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं। धरना स्थल पर ही बना लंगर अपनी मांगों पर अड़े किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर को ही अपना ठिकाना बना लिया है। धरना स्थल के पास ही बड़े बर्तनों में खिचड़ी तैयार की जा रही है। किसानों का कहना है कि वे लंबी लड़ाई की तैयारी के साथ आए हैं। प्रदर्शन में गोपी शाक्य, अरविंद शाक्य, राजेश गंगवार, अशोक यादव समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।