सोशल मीडिया पर संपत्ति बढ़ने के दावों पर सांसद मुकेश राजपूत की सफाई, कहा- "सांसद बनने के बाद नहीं बढ़ी एक भी प्रतिशत आय"
सोशल मीडिया पर संपत्ति बढ़ने के दावों पर सांसद मुकेश राजपूत की सफाई, कहा- "सांसद बनने के बाद नहीं बढ़ी एक भी प्रतिशत आय"
फर्रुखाबाद/फर्रुखाबाद से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद मुकेश राजपूत ने सोशल मीडिया पर उनकी आय में भारी वृद्धि को लेकर किए जा रहे दावों का कड़ा खंडन किया है। सांसद ने स्पष्ट किया है कि उनके कार्यकाल के दौरान उनकी आय में एक प्रतिशत का भी इजाफा नहीं हुआ है। क्या था वायरल दावा? हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया गया था कि मुकेश राजपूत की आय में 12,768 प्रतिशत की चौंकाने वाली वृद्धि हुई है। इन दावों को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए सांसद ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में उन्होंने अपने नाम पर कोई नई संपत्ति नहीं खरीदी है। संपत्ति के आंकड़ों में जो भी उछाल दिख रहा है, वह केवल उनकी पुरानी और मौजूदा संपत्तियों के बाजार मूल्य (मूल्यांकन) के बढ़ने का परिणाम है।
विपक्ष पर साधा निशाना पिछले 11 सालों से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे सांसद ने पोस्ट करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी तुलना बेवजह राहुल गांधी और राजनाथ सिंह जैसे राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज नेताओं से की जा रही है। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से सवाल किया कि वे अपनी संपत्ति का सार्वजनिक ब्यौरा क्यों नहीं देते। इसके अलावा, उन्होंने स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव का जिक्र करते हुए एक पुराना वाकया साझा किया। राजपूत ने बताया कि दर्शन सिंह यादव ने स्वयं उन्हें बताया था कि उन्होंने ही मुलायम सिंह यादव को साइकिल दी थी और उन्हें राजनीति में लेकर आए थे। "बदनाम करने और जमीन कब्जाने की है साजिश" अपने ऊपर लग रहे आरोपों को सांसद ने एक सोची-समझी साजिश करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों के विरोधी हैं और समाजवादी पार्टी जैसी मानसिकता रखते हैं, वे उन्हें जानबूझकर बदनाम करने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपनी सुरक्षा और संपत्ति को लेकर भी एक बड़ा बयान दिया। सांसद ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व लगातार उनकी जमीन पर कब्जा करने की फिराक में लगे रहते हैं, लेकिन उनके सांसद पद पर होने के कारण ऐसे लोग अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं।
