UGC बिल 2026 के समर्थन में अधिवक्ताओं ने भरी हुंकार, कचहरी से कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च

Feb 10, 2026 - 19:25
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UGC बिल 2026 के समर्थन में अधिवक्ताओं ने भरी हुंकार, कचहरी से कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च

UGC बिल 2026 के समर्थन में अधिवक्ताओं ने भरी हुंकार, कचहरी से कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च।

फतेहगढ़ /फर्रुखाबाद। : जनपद के फतेहगढ़ में सामाजिक न्याय और अधिकारों की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। भारी संख्या में जुटे अधिवक्ताओं ने 'UGC बिल 2026' को लागू करने के समर्थन में कचहरी से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और अपनी मांगों को लेकर बुलंद आवाज उठाई। राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन पैदल मार्च के बाद अधिवक्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सहित सामाजिक रूप से वंचित नागरिकों के हितों के संरक्षण की मांग की गई है।

प्रमुख मांगें और सामाजिक प्रतिनिधित्व प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने ज्ञापन के जरिए सरकार से निम्नलिखित मांगें की हैं: संवैधानिक प्रक्रिया: यूजीसी के वर्तमान विनियमों को सुप्रीम कोर्ट की व्याख्याओं के अनुसार संसद में विधिवत पारित किया जाए। स्टे हटाने की कार्रवाई: इस प्रक्रिया पर लगे कानूनी स्टे को हटाने के लिए सरकार त्वरित कदम उठाए। समता समिति में भागीदारी: प्रस्तावित 'समता समिति' में सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए 1 सदस्य ST, 2 सदस्य SC और 4 सदस्य OBC वर्ग से नियुक्त किए जाएं।

निगरानी समिति: निगरानी समिति में भी इसी प्रकार का सामाजिक प्रतिनिधित्व अनिवार्य करने की मांग की गई है। विचारधारा पर प्रहार प्रदर्शन के दौरान एक अधिवक्ता ने वर्तमान व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि "आज भी कहीं न कहीं मनुस्मृति की विचारधारा हावी है," जिसे बदलने और संवैधानिक बराबरी लाने के लिए इस बिल का पास होना अनिवार्य है। इस मार्च का आयोजन 'ST/SC/OBC साझा समाज' के बैनर तले किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय वकील और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।