77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया, डीएम ने कहा- 'गुलामी की मानसिकता से मुक्त होना जरूरी
77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया, डीएम ने कहा- 'गुलामी की मानसिकता से मुक्त होना जरूरी' ।
रिपोर्टर संजीव सक्सेना
फर्रुखाबाद। जनपद में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कलेक्ट्रेट में ध्वजारोहण और विचार गोष्ठी सुबह जिलाधिकारी (डीएम) आशुतोष कुमार द्विवेदी ने कलेक्ट्रेट में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों और नागरिकों को सम्मानित किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी ने कहा, "गणतंत्र की अवधारणा भारत की अपनी है, यह कहीं बाहर से नहीं आई।" प्रधानमंत्री के कथन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपनी विरासत पर गर्व करना चाहिए और झूठे आवरण से मुक्त होने की आवश्यकता है। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा कि हम मैकाले की शिक्षा पद्धति को तो मान लेते हैं, लेकिन अपने पूर्वजों के लिखे को नहीं मानते, जो गुलामी की मानसिकता का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य भारत को पुनः 'विश्व गुरु' बनाना है।
एडीएम ने सेना के जवानों को किया नमन इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (एडीएम) अरुण कुमार ने सीमा पर तैनात सेना के जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि हम अमृतकाल में कार्य कर रहे हैं और हमारा सौभाग्य है कि हम समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के बारे में सोच रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा, तभी देश आगे बढ़ेगा। पुलिस लाइन में भव्य परेड और सम्मान समारोह कलेक्ट्रेट के कार्यक्रम के बाद डीएम पुलिस लाइन पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। ध्वजारोहण के बाद आसमान में गुब्बारे छोड़े गए। डीएम ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) के साथ खुली जीप में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। सशस्त्र पुलिसकर्मियों ने तीन राउंड फायरिंग कर उन्हें सलामी दी। अंत में, एसपी ने सभी को देश की एकता और अखंडता की शपथ दिलाई। डीएम ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को शील्ड देकर सम्मानित किया।