कायस्थ परिवार में जन्मी रुचि परिवार और कर्तव्य की मिसाल बनी
कायस्थ परिवार में जन्मी रुचि परिवार और कर्तव्य की मिसाल बनी
मैनपुरी । मैनपुरी सादगी समर्पण और कर्तव्य निष्ठा की मिसाल बनी रुचि सक्सेना ने यह सिद्ध कर दिया है कि इच्छाशक्ति और सूझ-बूझ से परिवार और व्यवसाय दोनो को समान रूप से संभाला जा सकता है उन्होंने हर भूमिका को निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभाते हुए समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।स्नातक पास आगरा की रहने वाली रुचि सक्सेना का विवाह 14 मई 1995 को मैनपुरी नगर के स्टेशन रोड निवासी नवीन सक्सेना के साथ सम्पन्न हुआ था पति भूमि मामलों के कारोबारी हैं।परिवार में एक मशीनरी स्टोर की दुकान थी जो पारिवारिक बंटवारे के बाद दौरान नवीन के हिस्से में आई रुचि ने पति को भरोसा देकर दुकान की कमान संभाली और पिछले दो वर्षों से वह उसका संचालन कर रही है ।
उन्होंने बताया कि दो बच्चों के गृहस्थ जीवन के साथ साथ शिक्षा और संस्कारो पर भी विशेष ध्यान दिया उनकी परिवरिश का आज परिणाम है कि आज उनकी पुत्री प्राची स्वास्थ्य क्षेत्र में स्थित सेवाएं दे रही है।और पुत्र सार्थक इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा है।और साथ ही में यूट्यूबर भी है।रुचि अपने बच्चों को आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनानें के लिए सदा प्रेरित करती रही है।परिवार,संस्कार,सेवा के और सामाजिक मूल्यों को साथ लेकर चलने वाली श्रीमती रुचि सक्सेना आज कई महिलाओं के लिए जीती जागती मिसाल बन चुकी है।उन्होंने ने बताया व्यवसाय के साथ साथ तीर्थ यात्रा पर जाने का शौक है वह प्रति बर्ष परिवार के साथ तीर्थ स्थलो पर जाती है।अबतक केदारनाथ, हरिद्वार, द्वारिका बद्रीनाथ व अन्य धार्मिक स्थल वैष्णो देवी के कई बार दर्शन पर जा चुकी है।