भजापा में बड़े बदलाव की तैयारी, कैबिनेट विस्तार की भी सुगबुगाहट, किन्हें मिलेगा मौका
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना नया कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के रूप में चुन लिया। इनके हाथों में ही आने वाले समय में भाजपा की कमान जाने वाली है। इसके बाद अब संगठन में फेरबदल के कयास तेज हो गए हैं। खबर है कि भाजपा में संगठन चुनावों की प्रक्रिया अगले माह पूरी होने के साथ ही बड़े बदलावों की शुरुआत हो जाएगी।
ये बदलाव केवल संगठन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सरकार में भी दिखाई देंगे। जल्द ही केंद्रीय कैबिनेट में विस्तार भी देखने को मिल सकता बै। संगठन विस्तार की प्रक्रिया सभी स्तरों पर लागू होने में लगभग छह माह का समय लग सकता है। संगठन में युवा और अनुभव का अनुपात लगभग आधा-आधा रहेगा और सरकार में भी करीब छह माह के भीतर इसी तरह का संतुलन देखने को मिलेगा। युवा नेता नितिन नवीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के साथ ही पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब भविष्य की पार्टी तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे नेतृत्व को आगे लाया जाएगा, जो अगले दो दशकों तक पार्टी को विभिन्न स्तरों पर आगे ले जा सके। यह मिशन उसी तरह का है, जैसा केंद्र की मोदी सरकार अपने 'विजन 2047' के तहत आगे बढ़ा रही है।
सूत्रों के अनुसार, 15 जनवरी के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के विधिवत चुनाव में नव नियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन को पार्टी की कमान सौंप दी जाएगी और फरवरी के मध्य में संभावित राष्ट्रीय परिषद के अधिवेशन में इस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। सूत्रों के अनुसार, संसद के बजट सत्र के बाद केंद्र सरकार में भी फेरबदल की संभावना है और इसमें नए चेहरों को प्रमुखता दी जाएगी। मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल में अभी तक मंत्रिपरिषद का विस्तार नहीं हुआ है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि मंत्रिपरिषद का विस्तार प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है, लेकिन संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय संगठन की नई टीम के गठन के बाद इसकी संभावनाएं जरूर बनेंगी। इसमें सरकार की आवश्यकताओं, राजनीतिक परिस्थितियों और आने वाले चुनावों को ध्यान में रखा जाएगा।