अस्पताल में ऑक्सीजन थी, लेकिन ताले में बंद थी और तड़पकर हो गई व्यापारी की मौत
अस्पताल में ऑक्सीजन थी, लेकिन ताले में बंद थी और तड़पकर हो गई व्यापारी की मौत
नवाबगंज/ फर्रुखाबाद। : नवाबगंज सीएचसी (CHC) में व्यापारी नन्हे लाल गुप्ता (61) की ऑक्सीजन न मिलने से मौत हो गई थी। बड़ा खुलासा: जांच करने पहुंचे एसीएमओ (ACMO) डॉ. सर्वेश यादव के सामने यह सच आया कि अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म नहीं थी, बल्कि कमरों में बंद थी। लापरवाही की हद: एक भरा हुआ ऑक्सीजन सिलेंडर चीफ फार्मासिस्ट के कमरे में रखा था। फार्मासिस्ट ने सफाई दी कि वह उस कमरे की चाबी घर भूल आए थे, इसलिए सिलेंडर नहीं निकाला जा सका। इसके अलावा, दो भरे हुए सिलेंडर लेबर रूम में भी रखे थे, लेकिन उनका इस्तेमाल मरीज की जान बचाने में नहीं किया गया।
सिस्टम फेल: ऑक्सीजन स्टॉक की जानकारी सिर्फ चीफ फार्मासिस्ट के पास रहती थी, अन्य फार्मासिस्टों को इसके बारे में पता ही नहीं था। अस्पताल से डॉक्टर नदारद: जांच के दौरान सुबह 11 बजे तक अस्पताल में डॉक्टर और फार्मासिस्ट अपनी सीटों से गायब मिले। नेत्र परीक्षक और दंत विभाग के कमरों में ताले लटके हुए थे। आवास पर थे फार्मासिस्ट: जब मरीज अस्पताल पहुंचा, उस दौरान फार्मासिस्ट अपने आवास (घर) पर मौजूद थे। निष्कर्ष: यह मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं, बल्कि घोर लापरवाही और तालमेल की कमी के कारण हुई है।