संभल: जांच कमेटी की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे, 15 दंगों के बाद हिंदू आबादी में भारी गिरावट

Aug 29, 2025 - 07:55
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संभल: जांच कमेटी की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे, 15 दंगों के बाद हिंदू आबादी में भारी गिरावट

संभल: जांच कमेटी की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे, 15 दंगों के बाद हिंदू आबादी में भारी गिरावट रिपोर्ट

वश्लेषण अजय किशोर पत्रकार मैनपुरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले साल हुए दंगों की जांच रिपोर्ट ने सनसनीखेज खुलासे किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी गई इस रिपोर्ट के अनुसार, 1947 में संभल की 45% हिंदू आबादी अब घटकर मात्र 20% रह गई है। रिपोर्ट में इस गिरावट का मुख्य कारण 15 दंगों और तुष्टिकरण की राजनीति को बताया गया है, जिसने संभल की जनसंख्या संरचना को पूरी तरह बदल दिया है। *क्या कहती है जांच रिपोर्ट?* जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कई गंभीर बातों का जिक्र किया है, जिनमें शामिल हैं: * जनसांख्यिकीय बदलाव: संभल में हिंदू आबादी में 25% की भारी गिरावट आई है। * दंगों का इतिहास: आजादी के बाद से अब तक यहां 15 बड़े दंगे हो चुके हैं। * आतंकवादी गतिविधियां: रिपोर्ट के मुताबिक, संभल कई आतंकवादी संगठनों का केंद्र बन गया है, और अमेरिकी सरकार ने यहां के मौलाना सनाउल हक को आतंकवादी घोषित किया है।

अपराध सिंडिकेट: संभल में अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों का कारोबार करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। *हिंदुओं को निशाना बनाने की थी साजिश?* रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दंगों के दौरान हिंदुओं को निशाना बनाने की योजना थी, जिसके लिए बाहर से दंगाई बुलाए गए थे। हालांकि, पुलिस की मौजूदगी के कारण एक बड़ा हमला टल गया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दंगे तुर्क और कन्वर्टेड हिंदू पठान समुदायों के बीच आपसी रंजिश का परिणाम थे, जिसमें हुई गोलीबारी में चार लोग मारे गए। *दंगों के पीछे साजिश का पर्दाफाश* जांच रिपोर्ट में 22 नवंबर, 2024 को हुई हिंसा को पूर्वनियोजित षड्यंत्र बताया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, सांसद जिया-उर-रहमान बर्क के भड़काऊ भाषण ने आग में घी का काम किया। उन्होंने नमाजियों को संबोधित करते हुए कहा था कि "हम इस देश के मालिक हैं, अयोध्या जैसा यहां नहीं होने देंगे।" इसके दो दिन बाद ही तुर्क और पठान समुदायों के बीच संघर्ष भड़क उठा। रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क, विधायक के बेटे सुहैल इकबाल और इंतेजामिया कमेटी के पदाधिकारियों को इस साजिश का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है।