श्री कृष्ण जन्माष्टमी

Sep 07, 2023 - 09:03
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श्री कृष्ण जन्माष्टमी

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श्री कृष्ण जन्माष्टमी

भगवान श्री कृष्ण बहुमुखी जीवन वाले ऐसे विराट व्यक्तित्वधारी है जिन्हें थोड़े में समेटना सम्भव नहीं है । फिर भी मैं यथाशक्य प्रयत्न कर रहा हूँ । श्री कृष्ण का जीवन हमें यह सिखाता है कि जीवन में हालात चाहे कितने विपरीत से विपरीत हो अगर इष्ट की कृपा है तो किसी भी कारागार के द्वार भी खुल जाते है ।

वो जीवन ही क्या जिसमें उतार-चढ़ाव ना आये।जब प्रतिकूल समय का सामना करेंग़े और उस दर्द को सहने की हिम्मत जुटायेंगे तब ही अनुकूल समय की ख़ुशियाँ महसूस कर पायेंगे।इस जीवन में हर वस्तु परिवर्तन शील है।पानी वो ही होता है पर फ्रिज़र में रख देंगे तो बर्फ़ बन जाती है और फ़्रीज़ के बाहर रख देंगे तो वापिस पानी।

भगवान ने मनुष्य को वो समझ दी है कि जब समय विपरीत हो तो थोड़ा संयम धारण करे।मन में यही चिंतन करे कि जब एक दिन उदय होने से लेकर वापिस दूसरे दिन उदय तक कितने पहर देखता है।ठीक वैसे ही जीवन में बदलाव आये तो यही चिंतन रहे कि यह भी स्थायी नहीं रहेगा।हर अमावस्या की घोर अंधेरी रात आयी है तो कुछ दिनो बाद पूनम की चाँदनी भी दिखायी देगी। रेल की पटरी के उदाहरण से हम जीवन को समझने की कोशिश कर सकते है।

रेल समानांतर पटरी पर चलते हुए भी उतार-चढ़ाव व घुमावदार रास्तों से गुज़रती हुई अपनी मंजिल तक धीमी - धीमी गति से पहुंचती है,ये साक्षात हम पहाड़ो पर देख सकते हैं।विश्व के सबसे ऊँचे रेलवेस्टेशन में से एक (घूमावदार ) दार्जिलिंग है।जहां ठंडा और घुमावदार तथा अप और डाउन का समावेश है।हमको इससे अपने जीवन के उतारचढ़ाव को जीने की सुंदर प्रेरणा मिलती है ,धीमी गति से निरन्तर प्रयास से निश्चित मंजिल मिलती है। जिसके निश्चय व दृढ़ संकल्प भी पहाड़ के समान दृढ़ होते हैं।

हां, कई बार हवा के थपेड़ों से जीवन की नाव डगमगाती है,वैसे ही हमारे जीवन में भी हो जाना सम्भव है,लेकिन जल्दी सम्भलना समझदारी हैं ।घटनाएं हमारे जीवन में अनुकूल घटेगी ही घटेगी सभी,ये कभी भी सम्भव नहीं है जिंदगी में,हमें अपने चिंतन को प्रतिकूल घटना में अनुकूल बनाकर जीने का सतत प्रयास करना पड़ता है।हम ज्यादा व्यग्र न बनें परिस्थिति से,और जल्दी सम्भलकर अपने जीवन मे सन्तुलन बैठा सकें,ये हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ है।

संक्षिप्त में सृष्टि का सारा अंधकार प्रकाश में समा जाए और सारी निराशा आशा के सागर मे दूब जाए उसी स्थिति का कर्ताधर्ता है वह परम पुरूष जिसे श्री कृष्ण भगवान कहते हैं ।इन्हीं भावनाओं के साथ सभी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की बहुत बहुत शुभकामनाएँ । प्रदीप छाजेड़ ( बोरावड़ )

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SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

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