गहरी नींद से यकीनी बनाएं स्वस्थ

Apr 5, 2025 - 07:55
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गहरी नींद से यकीनी बनाएं स्वस्थ

हर दिन की भागदौड़ के बाद एक अच्छी और सुकून भरी नींद लेना सभी के लिए बेहद आवश्यक है। लेकिन क्या हो अगर आपकी नींद अधूरी रह जाए और आपको इसका अहसास भी न हो? खर्राटे लेना या नींद के दौरान सांस रुकना कई लोगों को सामान्य लग सकता है, लेकिन यह ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) जैसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

यह समस्या न केवल आपकी दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है, बल्कि हृदय रोग, डायबिटीज और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकती है। क्या है ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया यानी ओएसए एक ऐसी नींद संबंधी बीमारी है, जिसमें सोते समय बार-बार सांस लेने में रुकावट आती है। यह रुकावट ऊपरी सांस नली में बाधा के कारण होती है, जिससे मस्तिष्क और शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इस बीमारी से दुनियाभर में 1 अरब से अधिक लोग प्रभावित हैं। भारत में करीब 11 फीसदी लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। पुरुषों में यह समस्या महिलाओं की तुलना में दोगुनी अधिक पाई जाती है। वहीं 2 से 8 वर्ष की उम्र के 1-5 फीसदी बच्चों में भी यह समस्या देखी जाती है। ये हैं लक्षण यदि आप या आपके परिवार में कोई व्यक्ति ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के लक्षणों के चलते समस्या का सामना कर रहा है, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें।

जानिये, स्लीप एपनिया के कुछ लक्षणों को जो यहां दिये जा रहे हैं- तेज और लगातार खर्राटे आना, नींद के दौरान सांस रुकना या घुटन महसूस होना, दिनभर अत्यधिक नींद आना और थकान महसूस होना, सुबह सिरदर्द रहना, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और याददाश्त कमजोर होना, चिड़चिड़ापन और अवसाद जैसी मानसिक समस्याएं, हाई ब्लड प्रेशर और अन्य हृदय रोगों का खतरा तथा रात में बार-बार जागना और बेचैनी महसूस करना ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के लक्षण हो सकते हैं। ये हैं नींद में बाधक रोग के कारण गुणवत्तापूर्ण नींद न आना यानी खर्राटों आदि के साथ ही लगातार नींद में बाधा आने की कुछ मूलभूत वजहें भी हो सकती हैं। कुछ विशेष कारणों से ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का खतरा बढ़ सकता है। जैसे मोटापा – गले और गर्दन के आसपास वसा जमा होने से सांस लेने में रुकावट आती है। उम्र – मध्यम और बुजुर्ग आयु वर्ग में यह समस्या अधिक पाई जाती है। महिलाओं को जोखिम – पुरुषों में यह समस्या अधिक होती है, लेकिन मेनोपॉज के बाद महिलाओं में भी इसका खतरा बढ़ जाता है।

पारिवारिक इतिहास – यदि परिवार में किसी को यह समस्या रही है, तो इसके होने की संभावना अधिक होती है। शारीरिक बनावट – छोटे जबड़े, मोटी गर्दन, बढ़े हुए टॉन्सिल या नाक की रुकावट इस समस्या का कारण बन सकते हैं। अस्वास्थ्यकर जीवनशैली – धूम्रपान और शराब का सेवन सांस की नली की मांसपेशियों को कमजोर करता है, जिससे समस्या और गंभीर हो सकती है। बच्चों में भी हो सकती है यह समस्या अकसर बड़ी उम्र के पुरुषों और कुछ महिलाओं में ही नींद में बाधा का रोग पाया जाता है। लेकिन बच्चे व किशोर भी इससे अछूते नहीं हैं। बच्चों में ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के मुख्य कारण हो सकते हैं। मसलन- बढ़े हुए टॉन्सिल और एडेनॉइड्स, अधिक वजन या मोटापा, जबड़े और श्वसन प्रणाली में जन्मजात विकृति, समय पर एडेनोटॉन्सिलेक्टॉमी (टॉन्सिल हटाने की सर्जरी) जैसी मामूली प्रक्रियाओं से भविष्य में होने वाली जटिलताओं को रोका जा सकता है। बिना इलाज के ओएसए कितना खतरनाक यदि ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया यानी ओएसए का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया से सेहत को होने वाले जोखिम इस प्रकार है - हृदय रोगों का खतरा – उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारियां और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

मेटाबोलिक समस्याएं – टाइप-2 डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या हो सकती है। मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव – लगातार नींद की कमी से डिप्रेशन, चिंता और याददाश्त कमजोर हो सकती है। दुर्घटनाओं का खतरा – दिनभर नींद आने की वजह से वाहन और कार्यस्थल दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। जीवन की गुणवत्ता पर असर – खराब नींद से सेहत, उत्पादकता और मूड पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। स्लीप एपनिया का ऐसे करें निदान यदि आपको संदेह हो कि आपको या आपके किसी प्रियजन को ओएसए है, तो निम्नलिखित परीक्षण मदद कर सकते हैं— क्लिनिकल मूल्यांकन – लक्षणों, मेडिकल इतिहास और जोखिम कारकों की समीक्षा। नींद परीक्षण (पॉलीसोम्नोग्राफी) – यह एक विशेष टेस्ट होता है, जिसमें सोते समय ऑक्सीजन स्तर, सांस लेने के पैटर्न और अन्य महत्वपूर्ण संकेतों की निगरानी की जाती है। यह स्लीप लैब में या घर पर किया जा सकता है। इलाज के प्रमुख उपाय अच्छी बात यह है कि यह समस्या पूरी तरह से ठीक की जा सकती है। जीवनशैली में बदलाव जैसे वजन कम करना, नियमित व्यायाम करना व सोने से पहले शराब और सिगरेट आदि से परहेज ओएसए के इलाज में खास तौर से मददगार हैं।

सीपीएपी थेरेपी यानी टीन्यूस पॉज़िटिव एयरवे प्रेशर : यह एक मास्क के जरिए हवा का दबाव देकर वायुमार्ग को खुला रखता है। ओएसए के लिए सबसे प्रभावी उपचारों में से एक है। ओरल डिवाइसेज : जबड़े और जीभ की स्थिति को सही करने वाले डेंटल उपकरण, जो सांस की नली को खुला रखते हैं। सर्जिकल विकल्प : गंभीर मामलों में टॉन्सिलेक्टॉमी, सेप्टोप्लास्टी जैसी आधुनिक सर्जरी की जाती है। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) सिर्फ नींद से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य संकट भी है। समय पर पहचान और सही उपचार से न केवल इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार लाया जा सकता है। अगर आपके आसपास कोई व्यक्ति लगातार खर्राटे लेता है, दिनभर सुस्ती महसूस करता है या ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो रही है, तो उसे डॉक्टर से मिलने के लिए प्रोत्साहित करें। अच्छी नींद ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है!

 विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रिंसिपल मलोट पंजाब