Bulandshahr News : टेंडर के लिए रिश्वत, अधीक्षण अभियंता व बाबू निलंबित

Bulandshahr News : टेंडर के लिए रिश्वत, अधीक्षण अभियंता व बाबू निलंबित

Feb 27, 2025 - 08:46
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Bulandshahr News : टेंडर के लिए रिश्वत, अधीक्षण अभियंता व बाबू निलंबित

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UP बुलंदशहर। टेंडर के लिए रिश्वत लेने पर ऊर्जा निगम की एमडी ने अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार निर्मल व बाबू मनोज कुमार को निलंबित कर दिया है। दोनों को सहारनपुर से संबद्ध किया गया है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार पुष्पेंद्र की शिकायत पर गठित की गई जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर एमडी ने कार्रवाई की है।

30 जनवरी को सोशल मीडिया पर कुछ ऑडियो व वीडियो वायरल हुए थे। वायरल वीडियो में एक ठेकेदार और ऊर्जा निगम के बाबू के बीच टेंडर दिलाने को लेकर बातचीत हो रही थी। एक वीडियो में बाबू और ठेकेदार गाड़ी में बैठकर रुपयों का लेनदेन करते नजर आ रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद मुख्य अभियंता ने जांच के लिए टीम का गठन किया था। हालांकि टीम चार दिन में भी अपनी जांच रिपोर्ट नहीं दे पाई थी। जबकि ओम श्री साईं राम एंटरप्राइजेज के लैटर पैड पर की गई शिकायत के आधार पर एमडी ने मुख्य अभियंता की ओर से गठित जांच टीम को भंग करते हुए नए सिरे से जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया था।

जांच टीम की रिपोर्ट में सामने आया है कि लंबे समय से ठेकेदार के पास कोई टेंडर नहीं था। जिसके चलते उसने बाबू से टेंडर दिलाने की बात कही थी। इसी दौरान बाबू ने टेंडर के लिए रिश्वत की पेशकश की थी और बड़े अधिकारियों तक रुपये पहुंचाने की बात कही थी। अब करीब एक माह बाद एमडी ने कार्रवाई करते हुए अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार निर्मल व बाबू मनोज कुमार को निलंबित करते हुए सहारनपुर संबद्ध किया है। बताया जा रहा है कि भ्रष्टाचार के मामले में एमडी स्तर से करीब पांच साल में पहली बार कार्रवाई की गई है। करीब दो माह पहले ऊर्जा निगम की एमडी ने एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान तत्कालीन शिकारपुर खंड, सिकंदराबाद खंड के अधिशासी अभियंता के साथ लालनेर बिजलीघर के अवर अभियंता को भी निलंबित किया गया था।

हालांकि कार्रवाई के बाद भी ओटीएस योजना के तहत वसूली में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। वलीपुरा बिजलीघर के लिए आ रही हाइटेंशन लाइन में फाल्ट के बाद लाइन को चालू नहीं किया गया था। इसके चलते करीब चार किमी लंबी लाइन चोरी हो गई थी। मामले में अधिकारियों ने खानापूर्ति करते हुए एंटी पावर थेफ्ट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में मुख्य अभियंता ने दो अवर अभियंता को निलंबित कर दिया था। बाद में अवर अभियंता संघ के प्रदर्शन के बाद दोनों अवर अभियंताओं को बहाल कर दिया गया था। Iएमडी स्तर से कार्रवाई की जानकारी तो मिली है लेकिन आदेश अभी तक नहीं मिले हैं।

संभवतः अवकाश के चलते अभी कार्यालय में आदेश नहीं आए हैं। आदेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। टेंडर समेत अन्य प्रक्रिया में भ्रष्टाचार नहीं होने दिया जाएगा। - संजीव कुमार, मुख्य अभियंता, ऊर्जा निगमI Iन तो पुष्पेंद्र नाम का कोई ठेकेदार कार्यालय में कार्यरत है और न ही किसी फर्म की ओर से उसे अधिकृत किया गया है। पुष्पेंद्र ने षडयंत्र के तहत यह कार्य किया है। रिश्वतखोरी के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। प्रकरण में दोनों पक्षों को नहीं सुना गया है। एक पक्षीय कार्रवाई की गई है। - संजीव कुमार निर्मल, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगमI

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SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

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