अली का शेर इमामे हुसैन 22 हज़ार यज़ीदियों पर भारी थे

Jul 29, 2024 - 18:45
0 73
अली का शेर इमामे हुसैन 22 हज़ार यज़ीदियों पर भारी थे

block-350 block-350

अली का शेर इमामे हुसैन 22 हज़ार यज़ीदियों पर भारी थे

मनोज जौहरी

कायमगंज/फर्रुखाबाद मुर्शिदी व मौलाई सरकार हज़रत बाबा जूहीशाह रहमतुल्लाह अलैह के आस्ताने पर अजीमुसशान मजलिस का आयोजन किया गया। जिसमे हजरत मुशीर अहमद चिश्ती कादरी वारसी, मुफ़्ती मुनीर रज़ा, आकिल मियां, सय्यद कादरी सहाब, शाज़ेव वारसी आदि लोगो ने शिरकत की मजलिस में जनाबे हुसैन की जीवनी उनकी शहादत पर बहुत उमदा तरीके से प्रकाश डाला गया सुनने बाले अक़ीदतमंदो के रोंगटे खड़े व आँखो में आंशू भर आये।

मुफ़्ती मुनीर रज़ा ने कहा - अली से पूछो अदालत किसे कहते है हुसैन से पूछो शहादत किसे कहते है वो तो इजाजत नहीं थी इमाम हुसैन को जंग करने की वरना अब्बास बता देते क़यामत किसे कहते है। कमाल का हौसला था करवाला के शहीदों का वहाँ पर शुक्र करते थे जहाँ पर सब्र मुश्किल था।

इस मौके पर सज्जादा गद्दी नसीन हजरत मुशीर अहमद चिश्ती कादरी वारसी के अलाबा डॉ अरशद मंसूरी, बबलू, खलील, जमीर, बब्बन, आमिर हुसैन, शमशाद, मक़सूद खा, मल्लू भाई आदि मौजूद रहे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

Comments (0)

User