Jivitputrika Vrat 2033: सनातन व्रत परंपरा में जीवित्पुत्रिका व्रत का विशेष महत्व

Oct 06, 2023 - 10:21
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Jivitputrika Vrat 2033: सनातन व्रत परंपरा में जीवित्पुत्रिका व्रत का विशेष महत्व

Jivitputrika Vrat 2033: सनातन व्रत परंपरा में जीवित्पुत्रिका व्रत का विशेष महत्व है।

इस दिन महिलाएं उत्तम संतान की प्राप्ति और उनकी सेहत और सुरक्षा के लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, जीवित्पुत्रिका यानी जितिया व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। साल 2023 में जीवित्पुत्रिका यानी जितिया व्रत 6 अक्टूबर, शनिवार को यानी आज रखा जा रहा है।

 आइए ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जानते हैं कि इस व्रत के दौरान किस एक मंत्र का जाप करने से संतान प्राप्ति की कामना पूरी होती है। जीवित्पुत्रिका व्रत 2023 में कब है? दृक पंचांग के अनुसार, जीवित्पुत्रिका व्रत 6 अक्टूबर को यानी आज रखा जा रहा है। चूंकि यह व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है।

ऐसे में आश्विन कृष्ण अष्टमी तिथि की शरुआत 06 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 34 मिनट से हो रही है। जबकि इस शुभ तिथि की समाप्ति 7 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 08 मिनट पर होगी। ऐसे में उदया तिथि की मान्यता के अनुसार, जितिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत 6 अक्टूबर 2023, शुक्रवार को रखा जाएगा।

 संतान गोपाल मंत्र ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते, देहि में तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः संतान गोपाल मंत्र से जुड़े खास नियम संतान गोपाल मंत्र का जाप करने का सर्वोत्तम - सुबह (स्नान के बाद) संतान गोपाल मंत्र का जाप कितनी बार करें?- 1,25,000 बार संतान गोपाल मंत्र का जाप किसे करना चाहिए?- मां

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