यूरोपीय देश रोमानिया में हिंदी का परचम फहराएंगे के.डी सिंह
यूरोपीय देश रोमानिया में हिंदी का परचम फहराएंगे के.डी सिंह
बांदा जनपद के मूल निवासी, लेखक और साहित्यकार के डी सिंह जनवरी के मासान्त में बुखारेस्ट में यूरोपीय राष्ट्र रोमानिया और माल्दोवा के संयुक्त भारतीय दूतावास में आयोजित क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन में प्रतिभाग करेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें इस यात्रा की अनुमति भी प्रदान कर दी गई है। रोमानिया में भारतीय दूतावास से के डी सिंह को प्राप्त आमंत्रण पत्र में कहा गया है कि चूंकि वे लब्ध प्रतिष्ठ हिंदी लेखक हैं जिनकी , हिंदी साहित्य की अनेक विधाओं में 16 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और वे देश में ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी हिंदी के प्रसार और संवर्धन के लिए निरंतर कार्यरत हैं, अतः साहित्यकार के रूप में उनकी ख्याति और हिंदी लेखन के साथ साथ देश और विदेश के अनेक विश्वविद्यालयों में उनके व्याख्यानों तथा उनकी प्रभावकारिता के दृष्टिगत उन्हें इस वैश्विक आयोजन में आमंत्रित किया जा रहा है।
के डी सिंह हिंदी लेखन और साहित्य के क्षेत्र में बहुआयामी व्यक्तित्व हैं। हिन्दी भाषा की अनेक विधाओं में अब तक उनकी 16 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। अभी हाल ही में खजुराहो फिल्म फेस्टिवल में उन्हें साहित्य के क्षेत्र में छत्रसाल गौरव सम्मान से नवाजा गया था। इसके पूर्व भी उन्हें साहित्य सेवा के लिए उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान से तीन बार, राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान से एक बार तथा प्रयाग गौरव सम्मान, बांदा गौरव सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। बांदा जनपद के पिपरहरी गांव में जन्मे के.डी सिंह विगत तीन दशकों से उत्कृष्ट साहित्य सृजन करते हुए लेखन और साहित्य जगत में जनपद बांदा का नाम रोशन कर रहे हैं। सम्प्रति ये उप परिवहन आयुक्त परिक्षेत्र झांसी के पद पर तैनात हैं और अपने राजकीय दायित्वों के साथ साथ ही साहित्य सृजन और लेखन कार्य भी कर रहे हैं। श्री सिंह 24 जनवरी को भारत से प्रस्थान करेंगे और यूरोपीय देश रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में 28 जनवरी को आयोजित क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन में बतौर मुख्य वक्ता, शिरकत करेंगे। इससे पूर्व वे 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर, रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास में ध्वजारोहण में भी वे भारतीय दूतावास द्वारा आमंत्रित विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेंगे। के डी सिंह, इसके पूर्व बाली (इंडोनेशिया) में हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम, फिजी में विश्व हिंदी सम्मेलन, तथा मध्य अमेरिकी देश ग्वाटेमाला में प्रवासी भारतीयों के बीच हिंदी प्रसार पर व्याख्यान दे चुके हैं।
उन्होंने 2024 में ग्वाटेमाला की सबसे प्राचीन यूनिवर्सिटी " सैन कार्लोस डी ग्वाटेमाला" में भी भारतीय साहित्य और संस्कृति पर छात्र छात्राओं के बीच मुख्य वक्ता के तौर पर अपना व्याख्यान दिया था। बांदा के प्रबुद्ध समुदाय, और के डी सिंह के शुभचिंतकों में , हिंदी लेखन और साहित्य सृजन के दृष्टिगत उनकी रोमानिया यात्रा और क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन में उनके प्रतिभाग को लेकर अत्यंत उत्साह है, और जनपद के हिंदी साहित्य सेवियों ने उन्हें इस यात्रा की अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं।