एफएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद में नववर्ष ब्रज संकीर्तन महोत्सव का भव्य आयोजन,कृष्ण भक्ति ने बांधा समां

Dec 28, 2025 - 09:32
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एफएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद में नववर्ष ब्रज संकीर्तन महोत्सव का भव्य आयोजन,कृष्ण भक्ति ने बांधा समां

एफएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद में नववर्ष ब्रज संकीर्तन महोत्सव का भव्य आयोजन,कृष्ण भक्ति ने बांधा समां

शिकोहाबाद, 27 दिसंबर 2025: एफएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद के परिसर में आज ब्रज महोत्सव का अनुपम आयोजन किया गया, जो भगवान कृष्ण की भक्ति और ब्रज संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करने वाला रहा। यह कार्यक्रम न केवल स्थानीय भक्तों के लिए आध्यात्मिक आनंद का स्रोत बना, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृष्ण भक्ति की वैश्विक अपील को भी रेखांकित किया।

मुख्य अतिथि के रूप में जिला खाद्य आयुक्त डॉ. चंदन पांडे की उपस्थिति ने आयोजन को और गरिमामय बना दिया।विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. दिलीप यादव, प्रति कुलाधिपति डॉ योगेश यादव, ट्रस्टी डॉ राहुल यादव एवं डॉ नितिन यादव, कुलपति प्रोफेसर संजीव भारद्वाज तथा महानिदेशक डॉ. अभिनव श्रीवास्तव ने अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया।

कुलाधिपति डॉ. दिलीप यादव ने अपने संबोधन में कहा, "ब्रज महोत्सव जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखते हैं और युवा पीढ़ी को भक्ति मार्ग से जोड़ते हैं।" कुलपति प्रो. भारद्वाज ने कहा कि विश्वविद्यालय सांस्कृतिक-सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा को समग्र रूप प्रदान कर रहा है।कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रहे राधा कुंज वृन्दावन धाम से पधारे विदेशी भक्त जिसमें मुख्य रूप से यूरोप से योगमाया दासी, अमेरिका से राधा दासी और राधिका दासी जी, बेल्जियम से जानकी दासी, फिनलैंड से भक्त बांधव गिरधारी जी तथा रूस से निरमा दास जी ने दूर-दूर से पधारकर नववर्ष ब्रज संकीर्तन महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान किया।

इन भक्तों ने भगवान कृष्ण के प्रवचनों की गहन व्याख्या की, जिसमें गीता के उपदेशों से लेकर लीला कथाओं तक का सरस विवरण प्रस्तुत किया। उनके मधुर भक्ति भजनों ने पूरे विश्वविद्यालय परिसर को कृष्ण-भक्तिमय बना दिया। "हरे कृष्णा हरे राम" के जयकारों के बीच भजन संध्या चली, जिसमें पारंपरिक वाद्ययंत्रों जैसे मृदंग, ढोलक और बांसुरी की धुनें गूंजीं। सैकड़ों छात्र-छात्राओं, स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलन, आरती और प्रसाद वितरण में उत्साहपूर्वक भाग लिया। परिसर में ब्रज की झांकियां सजाई गईं, जो रासलीला और माखन चोरी की लीला को जीवंत करती रहीं।मुख्य अतिथि डॉ. चंदन पांडे ने कहा, "कृष्ण भक्ति न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।

 ऐसे आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करते हैं।" कार्यक्रम के समापन पर सभी ने कृष्ण भक्ति के संदेश को अपनाने का संकल्प लिया। एफएस विश्वविद्यालय ने इस महोत्सव को भविष्य में भी नियमित आयोजित करने की घोषणा की।