UP police : 30 साल पुरानी केस में 20 साल का युवक पुलिस ने बनाया मुल्जिम, उस समय वो पैदा नहीं हुआ था

UP police : 30 साल पुरानी केस में 20 साल का युवक पुलिस ने बनाया मुल्जिम, उस समय वो पैदा नहीं हुआ था

Jul 25, 2024 - 19:37
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UP police :   30 साल पुरानी केस में 20 साल का युवक पुलिस ने बनाया मुल्जिम, उस समय वो पैदा नहीं हुआ था

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UP police : कहावत कही जाती है कि अरे छोड़िए नाम में क्या रखा है! रस्सी का सांप ऐसे बनाया जाता है।

एक नाम के कई लोग होते हैं और सबके अलग-अलग किरदार होते हैं लेकिन कभी ऐसा ही हो सकता है कि मिलते जुलते नाम आपको जेल की सलाखों के पीछे भी पहुंचा दें। ऐसा ही एक संगीन लापरवाही का मामला सामने आया यूपी के कानपुर से. यहां लगभग 30 साल पुराने मामले में पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जिसका जन्म घटना के वक्त हुआ भी नहीं था।

 मामला कानपुर के बिल्हौर पुलिस थाने का है. यहां पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया वो भी छेड़छाड़ और मारपीट के 30 साल पुराने मामले में जिसमे कोर्ट को फैसला सुनाना था. लेकिन पुलिस ने इस बात पर ध्यान ही नहीं दिया कि वह तीस साल पुरानी घटना के लिए 20 साल के युवक को गिरफ्तार कर रहे हैं। जब पुलिस ने कोर्ट में आरोपी बनाकर युवक को पेश किया तो युवक के आधार कार्ड में उसकी उम्र को लेकर बवाल हो गया।

 आनन-फानन में मौके पर पुलिस बैकफुट पर आ गई. बिल्हौर पुलिस युवक को कोर्ट से लेकर गायब हो गई। दरअसल, पुलिस को साल 1994 के एक छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में आरोपी दानिश पुत्र अनीश को गिरफ्तार करना था. पुलिस ने दानिश पुत्र अनीश को ही गिरफ्तार किया, लेकिन पुलिस से चूक यहां हो गई कि उन्होंने इंदिरा नगर के रहने वाले किसान दानिश को गिरफ्तार किया, जबकि इस केस का आरोपी किड़वई नगर का दानिश था।

पुलिस ने गलत दानिश को मामले का मुल्जिम बना दिया और उससे कहा कि उसके ऊपर ये केस दर्ज हुआ था जिसमें वह आरोपी है. दानिश ने पुलिस से लाख कहा कि वह कसूरवार नहीं है लेकिन पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी। इसके बाद जैसे-जैसे कोर्ट की तारीख नजदीक आती है तो बिल्हौर पुलिस उसे थाने बुलाकर उसे कस्टडी में ले लेती है।

इसके बाद उसे डॉक्टरी परीक्षण के बाद माती मुख्य न्यायालय लेकर जाया जाता है लेकिन पेशकार के सामने दस्तावेज पेश होने के बाद वकील की नजर दानिश के आधार कार्ड पर पड़ती है. इस आधार कार्ड को देखकर वकील सख्ते में आ जाता है।

उसमें दानिश की जन्म का साल 2002 लिखा था. पड़ताल किए जाने पर सच्चाई सामने आती है की 1994 की घटना में 2002 में पैदा हुआ व्यक्ति मुलजिम कैसे बन सकता है. पूरा मामला जानकर पुलिस के होश फाख्ता रह जाते हैं. फिलहाल दानिश को घर भेज दिया गया है।

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SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

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