देवरानी ने जेठ को लीवर दान कर बचाई जान, पेश की इंसानियत की मिसाल

Feb 17, 2026 - 21:42
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देवरानी ने जेठ को लीवर दान कर बचाई जान, पेश की इंसानियत की मिसाल

"देवरानी ने जेठ को लीवर दान कर बचाई जान, पेश की इंसानियत की मिसाल

फर्रुखाबाद/कायमगंज । रिश्तों में कड़वाहट और दूरियों के इस दौर में फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज ब्लॉक के निजामुद्दीनपुर गांव में एक दिल छू लेने वाली घटना सामने आई है। यहाँ की एक बहू ने अपने जेठ को नया जीवन देने के लिए अपना लीवर दान कर दिया। यह फैसला न केवल मानवीयता का उदाहरण है, बल्कि रिश्तों की मजबूत बुनियाद की भी मिसाल पेश करता है। गांव निवासी अकबर पिछले आठ महीनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। मेडिकल जांचों में उनके लीवर के पूरी तरह खराब होने की पुष्टि हुई थी, और डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए लीवर ट्रांसप्लांट को ही अंतिम विकल्प बताया। अकबर की बिगड़ती स्थिति को देख उनके छोटे भाई अमजद की पत्नी, 29 वर्षीय निदा परवीन ने एक साहसिक कदम उठाया।

निदा ने अपने जेठ की जान बचाने के लिए अपना लीवर दान करने का फैसला किया। उनका कहना था, "मैं अपने जेठ को अपने सगे भाई के समान मानती हूं और उनके जीवन को बचाना मेरा कर्तव्य है।" निदा के इस निर्णय के बाद, उनका ऑपरेशन दिल्ली के एक निजी अस्पताल में किया गया। लीवर दान के बाद डॉक्टरों ने सफल ट्रांसप्लांट किया, और अब दोनों की स्थिति स्थिर है। परिजनों के अनुसार, निदा और अकबर दोनों की तबियत में तेजी से सुधार हो रहा है। निदा परवीन के इस त्याग और निस्वार्थ सेवा की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि निदा ने इंसानियत और रिश्तों की एक नई मिसाल पेश की है। यह घटना दिखाती है कि जब तक रिश्तों में सच्ची निष्ठा और प्यार हो, कोई भी मुश्किल पार की जा सकती है।