वीएचएनडी मॉनिटरिंग में एटा को प्रदेश में चौथा स्थान, 15 अधिकारी सम्मानित
वीएचएनडी मॉनिटरिंग में एटा को प्रदेश में चौथा स्थान, 15 अधिकारी सम्मानित
एटा। जनपद एटा ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए वीएचएनडी (ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस) मॉनिटरिंग में प्रदेश स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त किया है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में 15 जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। यूनिसेफ टीम द्वारा जनवरी माह में की गई वीएचएनडी मॉनिटरिंग में एटा का प्रदर्शन प्रदेश में शीर्ष जिलों में शामिल रहा। जिलाधिकारी ने कहा कि यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को बधाई देते हुए निर्देश दिए कि इसी समर्पण के साथ कार्य करते हुए आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सुनिश्चित करें। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार प्रशासन की प्राथमिकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि वीएचएनडी प्रत्येक माह निर्धारित तिथियों पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित किया जाता है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, बच्चों का नियमित टीकाकरण, कुपोषण की पहचान, परिवार नियोजन परामर्श, एनीमिया जांच, आयुष्मान कार्ड एवं अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी सहित विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार हुआ है। यूनिसेफ के डीएमसी आलोक वर्मा ने बताया कि जनपद में वीएचएनडी सत्रों की मॉनिटरिंग, उपस्थिति, सेवा प्रदायगी और अभिलेखों के रख-रखाव में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप एटा को प्रदेश में चौथा स्थान मिला है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।