एटा में बड़े जीएसटी फ्रॉड का खुलासा, चार अभियुक्त गिरफ्तार
एटा में बड़े जीएसटी फ्रॉड का खुलासा, चार अभियुक्त गिरफ्तार एटा। प्रदेश स्तर पर जीएसटी फ्रॉड के मामलों की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एटा जनपद में दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों पर फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये का जीएसटी फ्रॉड करने का आरोप है।
■ पहला मामला : 3.33 करोड़ रुपये का जीएसटी फ्रॉड-
पुलिस के अनुसार थाना अवागढ़ में पंजीकृत मुकदमे में अभियुक्तों ने फर्जी व बोगस फर्म बनाकर राज्य कर विभाग को 3 करोड़ 33 लाख 57 हजार रुपये की क्षति पहुंचाई। इस मामले में हिमांशु कुमार उर्फ अंशुल और **अजय कुमार** को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया के माध्यम से जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराकर ई-कॉमर्स कंपनियों पर काम दिलाने का झांसा दिया गया। इसके बाद फर्जी तरीके से जीएसटी पंजीकरण कराकर उनके आईडी-पासवर्ड अन्य लोगों को सौंप दिए गए और बदले में रुपये लिए गए। इसी तरीके से कई बोगस फर्म बनाकर टैक्स चोरी की गई।
■ दूसरा मामला : 93 लाख रुपये का फर्जी जीएसटी रिफंड-
थाना जलेसर क्षेत्र में दर्ज एक अन्य मामले में अभियुक्तों ने फर्जी बिल, ई-वे बिल और गैर-मौजूद कंपनियों के माध्यम से 93 लाख रुपये का जीएसटी रिफंड हासिल किया। इस मामले में गोलू जैन और विकास को गिरफ्तार किया गया है। जांच में पाया गया कि जिन वाहनों से माल ढुलाई दर्शाई गई, वे या तो निजी उपयोग में थे या कबाड़ में कट चुके थे। जिन फर्मों को सप्लाई दिखाई गई, वे पते पर अस्तित्व में ही नहीं थीं। दोनों मामलों में कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय के निकट पर्यवेक्षण में की गई। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित थानों में विधिक कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि जीएसटी फ्रॉड के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है और जांच आगे भी जारी रहेगी।