Kasganj news राष्ट्रीय शौक्षिक महासंघ ने कुलपति के 1 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर दी बधाई
राष्ट्रीय शौक्षिक महासंघ ने कुलपति के 1 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर दी बधाई
कासगंज राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नरेंद्र बहादुर सिंह का 1 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के नवागंतुक कुल सचिव प्रबुद्ध सिंह एवं परीक्षा नियंत्रक श्री धीरेंद्र कुमार वर्मा का भी अभिनंदन किया गया ।कार्यक्रम के शुभारंभ पर माननीय कुलपति महोदय, कुल सचिव महोदय एवं परीक्षा नियंत्रक का फूल माला पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। महासंघ के अध्यक्ष डॉ एच एन सिंह एवं डॉ पवन दुबे संगठन महामंत्री के. ए.पीजी कॉलेज कासगंज ने स्वागत करते हुए कहा कि हमारे संगठन ने देश में शिक्षा के क्षेत्र में दिशा देने वाली एक ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत हमारा विद्यालय हमारा स्वाभिमान कार्यक्रम आयोजित करने का अभियान चलाया हुआ है। उन्होंने कहा कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों एवं भारतीय दर्शन के आधार पर शिक्षा देने का जो सराहनीय प्रयास कर रहा है। वह अत्यंत प्रशंसनीय है। विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर नरेंद्र बहादुर सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम है और शिक्षकों को अपने दायित्व का निर्वाहन कर इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सार्थक प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र का एक ऐसा शिक्षा के मंदिर के रूप में स्थापित हो जिसमें समाज के हर वर्ग के विद्यार्थी तकनीकी, स्वास्थ्य एवं शोध क्षेत्र की उच्च स्तरीय सुविधाओं से लाभान्वित हो सके। हमारा प्रयास है कि विश्वविद्यालय अगले वर्षों में देश के अन्य बड़े शिक्षा संस्थानों से सहयोग लेकर विश्वविद्यालय में उच्च स्तरीय शैक्षिक वातावरण को सशक्त बनाने में सक्षम हो जाए। कार्यक्रम में डॉ एच एन सिंह, डॉ पवन दुबे, डॉ सपना सिंह, डॉ प्रदीप गुप्ता, डॉ मुकेश कुमार, डॉ शैलेंद्र कुमार, डॉ प्रियंका दिक्षित, डॉ नीलम पांडे, डॉ बीना अग्रवाल, डॉ उमेश कुमार, डॉ नरेंद्र यादव, डा बबलू सिंह, डॉ योगेंद्र पाल प्रतिहार, डॉ डी के गुप्ता ने माननीय कुलपति महोदय,कुलसचिव महोदय एवं परीक्षा नियंत्रक जी का अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन डा राकेश सक्सैना ने किया।