सिंचाई विभाग की लापरवाही से बड़ा हादसा, मलबे में दबकर महिला की मौत – तीन बच्चे गंभीर
सिंचाई विभाग की लापरवाही से बड़ा हादसा, मलबे में दबकर महिला की मौत – तीन बच्चे गंभीर
एटा। थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम खेरिया खुर्द में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब सिंचाई विभाग द्वारा बंबे (नहर) की सफाई के बाद छोड़े गए गहरे गड्ढे में खेल रहे बच्चों को बचाने गई महिला काजल (पत्नी राजवीर) की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में तीन बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। गांव के पास सिंचाई विभाग ने कुछ दिन पहले नहर की सफाई कराई थी। मगर सफाई के बाद बने गहरे गड्ढे को न तो भरा गया और न ही वहां किसी प्रकार की चेतावनी, निशान या बैरिकेडिंग लगाई गई। स्थानीय लोगों के अनुसार विभाग की इसी लापरवाही ने यह हादसा होने दिया।
शुक्रवार शाम कुछ बच्चे उसी खुले गड्ढे के पास खेल रहे थे। इसी दौरान उन्हें बाहर निकालने के लिए गांव की महिला काजल वहां पहुंची। तभी अचानक नहर की धाय का हिस्सा धंसकर गिर पड़ा, जिसमें काजल और बच्चे मलबे के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। सभी को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक काजल की मौत हो चुकी थी। घायल बच्चों को तत्काल **वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज, एटा** भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सफाई के बाद गड्ढा खुला छोड़ दिया गया, जिससे एक महिला की जान चली गई और मासूम बच्चे घायल हो गए।
उन्होंने दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी जितेंद्र गौतम ने बताया कि लोग वहां मिट्टी निकालने गए थे, इसी दौरान धाय गिरने से वे दब गए और यह हादसा हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है। वहीं, **तुषार कांति राजन**, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।