सांकरा गंगा घाट पर नदी में छोड़े गए मछलियों के बच्चे, बढ़ेगी जैव विविधता और बढ़ेंगे रोज़गार के अवसर

Nov 05, 2025 - 21:15
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सांकरा गंगा घाट पर नदी में छोड़े गए मछलियों के बच्चे, बढ़ेगी जैव विविधता और बढ़ेंगे रोज़गार के अवसर

सांकरा गंगा घाट पर नदी में छोड़े गए मछलियों के बच्चे, बढ़ेगी जैव विविधता और बढ़ेंगे रोज़गार के अवसर

अलीगढ़ । जैव विविधता संरक्षण एवं नदी को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को मत्स्य विभाग द्वारा सांकरा गंगा घाट पर रिवर रैंचिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत गंगा नदी में 2.35 लाख मछली मत्स्य बीज (80-100 मिमी आकार) का सफलतापूर्वक विसर्जन किया गया। कार्यक्रम में मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती विजय सिंह एवं जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित इस अभियान से न केवल नदी का पर्यावरण संतुलित होगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन गतिविधियों को गति मिलने से युवाओं एवं मछुआ समुदाय को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। साथ ही, भविष्य में मछलियों की संख्या बढ़ने से मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय में भी सकारात्मक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

उन्होंने विभाग की गतिविधियों एवं योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए, जिससे समाज में मत्स्य पालन के महत्व एवं रोजगार संभावनाओं को बढ़ावा मिल सके। सहायक निदेशक मत्स्य प्रियंका आर्या ने बताया कि रिवर रैंचिंग कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नदियों में मछलियों की प्रजातियों की संख्या बढ़ाना, प्राकृतिक जलस्रोतों को पुनर्जीवित करना एवं स्थानीय मछुआ समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि मत्स्य बीज छोड़े जाने से नदी की पारिस्थितिकी (इकोसिस्टम) बेहतर होगी, जल की गुणवत्ता में सुधार आएगा और विभिन्न मछली प्रजातियों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिनिधियों ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, नदी पुनरोद्धार एवं स्थानीय मत्स्य विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रिवर रैंचिंग से आने वाले समय में प्राकृतिक मछली प्रजातियों की संख्या में पर्याप्त बढ़ोतरी होगी एवं जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।

स्थानीय मछुआ समुदाय ने भी शासन-प्रशासन की इस पहल को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण आजीविका मजबूत होगी, मछली पकड़ने के अवसर बढ़ेंगे और जलचर संरक्षण के प्रति जागरूकता में भी वृद्धि होगी। इस अवसर पर एसडीएम अतरौली सुमित सिंह समेत अन्य तहसील व विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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